कान की मैल साफ करने के चक्कर में न करें ये गलती, ईयरवैक्स निकालने का सही तरीका

  • October 12, 2026
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कान की मैल साफ करने में कॉटन बड से बचने और ईयरवैक्स निकालने के सही तरीके से जुड़ी खबर

कान में ईयरवैक्स जमा होना सामान्य बात है

कान में थोड़ी-बहुत मैल यानी ईयरवैक्स जमा होना सामान्य बात है। यह कान की नली को धूल-मिट्टी से बचाने और उसे सुरक्षित रखने में मदद करती है। कई बार ईयरवैक्स अपने आप धीरे-धीरे बाहर निकल आती है। लेकिन जब मैल ज्यादा जमा होकर कान बंद करने लगे या सुनाई देने में परेशानी होने लगे, तब उसे निकालने की जरूरत पड़ सकती है। कई लोग खुद से कान का मैल साफ करते समय ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से बाद में परेशानी हो सकती है। कान के अंदर कॉटन बड, माचिस या कोई दूसरी चीज डालना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे मैल और अंदर जा सकती है तथा कान की नली या पर्दे को चोट लग सकती है।

कॉटन बड से कान साफ करने पर मैल बाहर आने के बजाय कान की नली में और अंदर जा सकती है। इससे वैक्स जमा होकर कान बंद कर सकती है। कान की त्वचा या पर्दे को चोट लगने का खतरा भी रहता है। ईयर कैंडलिंग जैसी विधियों से भी बचना चाहिए, क्योंकि इनसे कान जलने या चोट लगने का खतरा हो सकता है। कान की अपनी प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया होती है। जब वैक्स नरम होती है, तो वह धीरे-धीरे बाहर आ सकती है। इसलिए उसे निकालने के लिए कान के अंदर कोई चीज डालने की जरूरत नहीं होती।

ईयरवैक्स निकालने का सही तरीका

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, कुछ मामलों में मेडिकल-ग्रेड ऑलिव ऑयल या बादाम के तेल की दो से तीन बूंदें कान में डालकर कुछ मिनट उसी करवट लेटने से वैक्स नरम हो सकती है। यदि बादाम से एलर्जी हो, तो बादाम के तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ईयरवैक्स को नरम करने के लिए कुछ विशेष ड्रॉप्स भी उपलब्ध होते हैं। इनका इस्तेमाल उत्पाद के निर्देशों या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना चाहिए। यदि कान में दर्द, पानी, पीप जैसा डिस्चार्ज या संक्रमण का संदेह हो, तो खुद से ड्रॉप्स डालकर इलाज नहीं करना चाहिए। यदि मैल जमा होने से कान बंद लग रहा हो या सुनाई देने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ माइक्रोसक्शन या विशेष उपकरणों की मदद से वैक्स निकाल सकते हैं।

कान को साफ रखने के लिए क्या करें?

कान को साफ रखने के लिए रोजाना नहाने के बाद तौलिए के किनारे से कान के बाहरी हिस्से को धीरे से साफ किया जा सकता है। कान की नली के भीतर कॉटन बड, माचिस या नुकीली चीज डालने से बचना चाहिए। कान की मैल को पूरी तरह निकालना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह कान की प्राकृतिक सुरक्षा का हिस्सा है। अगर कान में दर्द, सुनने में कमी, पानी या डिस्चार्ज, चक्कर या लगातार घंटी बजने जैसी समस्या हो, तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ये लक्षण केवल मैल के कारण ही नहीं, बल्कि दूसरी समस्याओं के संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए कान की मैल निकालने के लिए जल्दबाजी में कोई वस्तु कान के भीतर डालना सही तरीका नहीं है। कान बंद होने, सुनने में परेशानी या दर्द की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित है।