ममता चौधरी कौन हैं? आराधना मिश्रा के लिए अजय राय से क्यों भिड़ीं?

  • October 12, 2026
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ममता चौधरी, अजय राय और आराधना मिश्रा मोना से जुड़ा यूपी कांग्रेस विवाद

ममता चौधरी और अजय राय के बीच क्यों हुआ विवाद?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के भीतर महाभारत शुरू हो गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और मौजूदा अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के समर्थकों के बीच टकराव सामने आया है। लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू कांग्रेस कार्यालय में रविवार को हुए हंगामे और मारपीट ने पार्टी के बड़े नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में अब नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं।

नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान हुई इस हिंसा के केंद्र में महिला कांग्रेस की प्रमुख नेत्री ममता चौधरी आ गई हैं। ममता चौधरी ने कैमरे के सामने आकर अजय राय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, अजय राय खेमे की ओर से कहा गया है कि ममता चौधरी को आराधना मिश्रा मोना की शह मिली हुई है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदरूनी घमासान ने उग्र रूप ले लिया है। पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में भारी हंगामा हुआ। इस दौरान तीखी नोकझोंक के साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हाथापाई और मारपीट भी हुई। इस घटना के बाद कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सार्वजनिक रूप से सामने आ गई।

कांग्रेस कार्यालय में कैसे शुरू हुआ हंगामा?

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय रविवार को अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ममता चौधरी ने कथित तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह यहाँ क्या कर रहे हैं? इनकी शक्ल कोई नहीं देखना चाहता।” इस टिप्पणी को सुनते ही अजय राय नाराज हो गए और उनके समर्थकों में भी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते कांग्रेस कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहां हाथापाई की स्थिति बन गई। बाद में वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद अजय राय को शांत कराते नजर आए। घटना के बाद अजय राय ने पार्टी में अनुशासनहीनता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “निश्चित तौर पर कुछ ऐसे लोग हैं जो पार्टी विरोधी काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

दूसरी ओर, ममता चौधरी ने रोते हुए और आक्रामक रुख अपनाते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता आराधना मिश्रा का स्वागत करने के लिए रास्ता दे रही थीं, तभी पूर्व अध्यक्ष अजय राय उन पर चिल्लाने लगे। ममता के मुताबिक, अजय राय के समर्थकों और उनके साथ आए असामाजिक तत्वों ने गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।

ममता चौधरी ने अजय राय पर क्या आरोप लगाए?

विवाद के बाद ममता चौधरी ने अजय राय पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अजय राय की शह पर उनके समर्थकों ने गुंडों और बदमाशों की तरह व्यवहार किया। ममता ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों ने हाथों में जूते और चप्पल लेकर हाथापाई की तथा महिलाओं के साथ मारपीट की। ममता चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि अजय राय और उनसे जुड़े लोग हमेशा से दलितों के विरोधी रहे हैं। उनके बयान के बाद विवाद का मुद्दा केवल कांग्रेस के दो गुटों के बीच टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सम्मान और दलित नेताओं के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई।

ममता चौधरी ने कहा कि पूरी महिला कांग्रेस राहुल गांधी के पास दिल्ली जाएगी और अजय राय के कथित अशोभनीय व्यवहार की शिकायत करेगी। उनके इस बयान से संकेत मिला कि वह इस मामले को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक ले जाने की तैयारी में हैं। हालांकि, इस विवाद में ममता चौधरी की ओर से लगाए गए आरोपों और अजय राय खेमे के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी यहां उपलब्ध नहीं है।

अजय राय और ममता चौधरी के बीच पुरानी खींचतान की चर्चा

सियासी गलियारों में चर्चा है कि अजय राय और ममता चौधरी के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भी ममता चौधरी सार्वजनिक रूप से उनके फैसलों पर सवाल उठाती रही हैं। यह भी चर्चा है कि अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटवाने में ममता चौधरी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की अहम भूमिका रही थी। इसी वजह से अजय राय पहले से ही उनसे नाराज बताए जाते हैं।

इसके अलावा ममता चौधरी के पति मनीष तिवारी को वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी का करीबी माना जाता है। इसी संबंध के चलते ममता चौधरी को आराधना मिश्रा मोना के गुट का समर्थक माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कहासुनी के बाद अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच झगड़ा हुआ। इस दौरान मारपीट और जूता फेंके जाने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद को लेकर पार्टी के भीतर तनाव बढ़ गया।

अजय राय ने पार्टी नेतृत्व से की शिकायत

कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद को लेकर अजय राय ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद से शिकायत की। अजय राय का कहना है कि ऐसे लोग पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं और अगर वे पार्टी में बने रहे, तो संगठन का माहौल खराब होगा। उन्होंने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है।

अजय राय ने अनुशासनहीनता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी दोहराई। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर मतभेदों को सामने ला दिया है। एक तरफ अजय राय अपने समर्थकों के व्यवहार को लेकर उठे विवाद के बीच कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ममता चौधरी ने अपने साथ कथित दुर्व्यवहार और महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। अब इस मामले में पार्टी नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विवाद पर क्या फैसला लिया जाता है और क्या किसी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होती है, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

कौन हैं ममता चौधरी?

ममता चौधरी लखनऊ की कांग्रेस की एक प्रभावशाली नेत्री हैं। वह लखनऊ नगर निगम के मालवीय नगर वार्ड नंबर 21 की पार्षद हैं। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस के मध्य जोन की अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी नगर निगम परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभालती हैं। ममता चौधरी लंबे समय से कांग्रेस संगठन और महिला कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। उन्हें दलितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली नेता के रूप में पहचाना जाता है। ममता चौधरी ने मई 2023 में हुए उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में लखनऊ के वार्ड नंबर 21 से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। वह मोहनलालगंज सुरक्षित सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं।

ममता चौधरी के पति का नाम मनीष कुमार तिवारी है। उन्हें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी का करीबी माना जाता है। ममता चौधरी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से वर्ष 2001 में बीए की डिग्री हासिल की थी। इन राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिकाओं के कारण ममता चौधरी का नाम लखनऊ की कांग्रेस राजनीति में सामने आता रहा है। अब अजय राय के साथ हुए विवाद के बाद वह एक बार फिर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम के केंद्र में आ गई हैं।

जूते-चप्पल और मारपीट के आरोपों से बढ़ा विवाद

विवाद के बाद ममता चौधरी ने दोहराया कि अजय राय की शह पर उनके समर्थकों ने कथित तौर पर गुंडों और बदमाशों जैसा व्यवहार किया। उनके आरोप के मुताबिक, समर्थकों ने हाथों में जूते और चप्पल लेकर हाथापाई की और महिलाओं के साथ मारपीट की। ममता ने दलितों के प्रति कथित विरोध का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि अजय राय और उनसे जुड़े लोगों को हमेशा से दलितों से परेशानी रही है। उन्होंने इस मामले को महिला कांग्रेस की प्रतिष्ठा और दलितों के सम्मान से जोड़ते हुए राहुल गांधी के सामने शिकायत रखने की बात कही। इस बीच, प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से विवाद के दौरान मारपीट और जूता फेंके जाने की बात सामने आई है। हालांकि, घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इस विवाद ने कांग्रेस के भीतर पहले से मौजूद मतभेदों को और अधिक सार्वजनिक कर दिया है। जहां एक तरफ अजय राय ने पार्टी में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं ममता चौधरी ने अपने साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया है। अब पार्टी नेतृत्व के सामने दोनों पक्षों के आरोपों पर विचार करने और संगठन में बढ़ते तनाव को संभालने की चुनौती है।

कांग्रेस कार्यालय विवाद पर बीजेपी ने क्या कहा?

लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी में पद और कुर्सी को लेकर संघर्ष दिखाई दे रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हुए इस विवाद ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। बीजेपी की ओर से इस घटना को कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया गया है।

गौरतलब है कि ममता चौधरी के तीखे बयानों ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संकट को और गहरा कर दिया है। एक महिला नेत्री के उत्पीड़न के आरोप और पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा अब एक-दूसरे से जुड़ती नजर आ रही है। जहां पहले इस घटनाक्रम को अजय राय और आराधना मिश्रा मोना के समर्थकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था, वहीं ममता चौधरी के बयान के बाद मामला महिला सम्मान और दलित नेतृत्व के कथित अपमान तक पहुंच गया है।

यूपी चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की नेत्रियों के खुलकर सामने आने से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी की महिला नेत्रियों और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के बीच इस स्तर की तनातनी ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है। इस घटनाक्रम ने बीजेपी को भी कांग्रेस पर हमला करने का एक और मौका दिया है। पार्टी के भीतर पद, संगठनात्मक प्रभाव और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालेगा।

ममता चौधरी ने अजय राय के खिलाफ शिकायत को राहुल गांधी तक ले जाने की बात कही है, जबकि अजय राय ने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है। ऐसे में अब सबकी नजर कांग्रेस आलाकमान पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस नेतृत्व ममता चौधरी की शिकायत पर क्या रुख अपनाता है, दोनों पक्षों के आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या पार्टी इस विवाद को विधानसभा चुनाव से पहले सुलझा पाती है।