बस एक चूक और बांकीपुर से OUT हुईवीणा मानवी, अब क्या करेंगे तेजप्रताप?

  • July 15, 2026
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बस एक चूक और बांकीपुर से OUT हुई वीणा मानवी, अब क्या करेंगे तेजप्रताप?

निर्वाचन अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी के नामांकन पत्र की बारीकी से जांच की गई थी, चुनाव आयोग के वर्तमान नियमों के अनुसार, किसी भी मान्यता प्राप्त दल से अलग या क्षेत्रीय पार्टी के प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर कम से कम 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है. लेकिन जब वीणा मानवी के पर्चे की जांच हुई, तो उसमें केवल 9 प्रस्तावकों के ही सिग्नेचर पाए गए, सिर्फ एक हस्ताक्षर कम होने की इस मामूली लेकिन गंभीर तकनीकी चूक के कारण चुनाव आयोग ने उनके आवेदन को त्रुटिपूर्ण माना और उनका नॉमिनेशन फॉर्म तुरंत निरस्त कर दिया।

आपको बता दे की महिला विंग की प्रमुख और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को चुनाव मैदान में उतारकर तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल इस सीट पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती थी. वीणा मानवी के नामांकन के बाद पार्टी कार्यकर्ता बेहद उत्साहित थे, लेकिन महज एक सिग्नेचर की लापरवाही ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया. इस तकनीकी चूक के कारण तेज प्रताप यादव की पार्टी अब बांकीपुर के इस महामुकाबले से पूरी तरह बाहर हो गई है. जिससे जेजेडी खेमे में भारी मायूसी का माहौल है. वहीं, अब इस हाई प्रोफाइल सीट के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए है।

वही अपने प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने की सूचना मिलने पर बीते दिन तेज प्रताप यादव भड़क गए थे। समाहरणालय में घंटों बैठने के बाद तेज प्रताप बाहर निकल आए और बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार JJD की प्रत्याशी के साथ साजिश कर रही है। बता दे की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को एक दिन पहले सोमवार को ही नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पटना कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने के बाद पुलिस की कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया था। तेजप्रताप यादव ने कल ही बिहार सरकार का घेराव करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हमारे उम्मीदवार के खिलाफ साजिश रची जा रही है। हमारे उम्मीदवार को जानबूझकर फंसाया गया है। हमारी उम्मीदवार बहुत अच्छी हैं, उनकी लोकप्रियता से बीजेपी डरी हुई है। षड्यंत्र करने वाले ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

दरसअल बांकीपुर में भले ही उपचुनाव हो रहा हो लेकिन माहौल ऐसा बना है कि देश भर में चर्चा हो रही है. पहले बीजेपी का प्रत्याशी बदला गया तो उसके बाद तेज प्रताप की प्रत्याशी वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया। इधर चुनाव अधिकारियों का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी तरह चुनाव नियमों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार की जाती है. यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो रिटर्निंग ऑफिसर के पास उसका नामांकन खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता. वीणा मानवी के नामांकन रद्द होने के बाद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला अब अन्य वैध उम्मीदवारों के बीच होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह मामला एक बड़ी सीख भी है। चुनावी नियमों में छोटी सी चूक भी पूरी उम्मीदवारी पर भारी पड़ सकती है। नामांकन पत्र से जुड़े हर दस्तावेज, हर हस्ताक्षर और हर कानूनी औपचारिकता का सही होना अनिवार्य है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वीणा मानवी या उनकी पार्टी इस फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाएगी, या फिर बांकीपुर की चुनावी लड़ाई बिना उनके आगे बढ़ेगी। आप इस खबर को लेकर क्या सोचते है अपनी राय हमें कमैंट्स में जरूर बताए।