गोविंद बल्लभ पंत जयंती: सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, योगदान को किया नमन

  • September 10, 2026
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गोविंद बल्लभ पंत जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी

गोविंद बल्लभ पंत जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की पावन जयंती है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से मैं पंत जी की स्मृति को नमन करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

काकोरी क्रांतिकारियों का मजबूती से किया बचाव

उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत केवल एक महान अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी भी थे। वर्ष 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद अंग्रेजी सरकार ने क्रांतिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाया था। इस मुकदमे में क्रांतिकारियों का मजबूती से बचाव करने वाले महान नेताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत प्रमुख थे। उन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1937 में पंत जी उत्तर प्रदेश के प्रीमियर निर्वाचित हुए। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखी। उन्होंने समय-समय पर हुए स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न प्रमुख आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें भारत छोड़ो आंदोलन भी शामिल था।

1937 में बने यूपी के प्रीमियर, स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

वर्ष 1937 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के उत्तर प्रदेश के प्रीमियर बनने के बाद भी उनका सार्वजनिक जीवन स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा। सीएम योगी के अनुसार, उन्होंने कुछ समय बाद इस पद से इस्तीफा दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखी। पंत जी ने समय-समय पर हुए स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न प्रमुख आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें भारत छोड़ो आंदोलन भी शामिल था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी और काकोरी क्रांतिकारियों के बचाव में उनकी भूमिका को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से याद किया।

आजादी के बाद बने उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। ऐसे में इतने विशाल राज्य के प्रशासन को सुशासन का मॉडल प्रस्तुत करते हुए उन्होंने आर्थिक उन्नति और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए कार्य किया। पंत जी ने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए। उनके द्वारा प्रस्तुत भूमि सुधार का मॉडल भी अत्यंत महत्वपूर्ण था। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यकाल को उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में याद किया।

आर्थिक उन्नति और समाज के हर वर्ग के हित में किया काम

सीएम योगी ने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश का क्षेत्र काफी विशाल था और उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। ऐसे में इतने विशाल राज्य के प्रशासन के सामने कई चुनौतियां थीं। इसके बावजूद पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने सुशासन का मॉडल प्रस्तुत करते हुए आर्थिक उन्नति और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए कार्य किया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए। उनके द्वारा प्रस्तुत भूमि सुधार का मॉडल भी अत्यंत महत्वपूर्ण था। मुख्यमंत्री ने पंत जी के योगदान को उत्तर प्रदेश के प्रशासन, विकास और समाज के विभिन्न वर्गों के हितों से जोड़ते हुए उन्हें याद किया।

1954 में बने देश के गृह मंत्री

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1954 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत देश के गृह मंत्री बने। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश में चल रहे भाषाई संघर्ष और समाज में नए विभाजन की नींव रखने के प्रयासों का विवेकपूर्ण ढंग से समाधान किया। उन्होंने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गृह मंत्री के रूप में पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने देश के सामने मौजूद भाषाई मुद्दों और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़े विषयों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में निभाई भूमिका

मुख्यमंत्री ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के गृह मंत्री के रूप में किए गए कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पंत जी ने देश में चल रहे भाषाई संघर्ष और समाज में नए विभाजन की नींव रखने के प्रयासों का विवेकपूर्ण ढंग से समाधान किया। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह पंडित गोविंद बल्लभ पंत का सार्वजनिक जीवन स्वतंत्रता संग्राम से लेकर प्रशासन, सुशासन और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक फैला रहा।

स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन स्वतंत्रता संग्राम, सुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनके योगदान को देश और प्रदेश सदैव श्रद्धा एवं सम्मान के साथ याद करता रहेगा। गोविंद बल्लभ पंत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।