WTC 2025-27 Final: ICC ने द ओवल को फिर बनाया मेजबान, 9 जून 2027 से होगा फाइनल
ICC ने क्या ऐलान किया?
दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल की तारीख और मेजबान मैदान का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। खिताबी मुकाबला 9 जून से 13 जून 2027 तक इंग्लैंड के ऐतिहासिक द ओवल मैदान पर खेला जाएगा।
यदि खराब मौसम या अन्य कारणों से खेल पूरा नहीं हो पाता है, तो 14 जून को रिजर्व डे के रूप में रखा गया है। इस घोषणा के साथ ही सभी टेस्ट खेलने वाले देशों की नजर अब अगले दो वर्षों तक चलने वाली WTC रेस पर होगी, क्योंकि इसी दौरान यह तय होगा कि फाइनल में जगह बनाने वाली दो टीमें कौन होंगी।
इंग्लैंड को फिर मिली मेजबानी
ICC ने लगातार एक बार फिर इंग्लैंड को WTC फाइनल की मेजबानी सौंपी है। इससे पहले भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले इंग्लैंड में आयोजित किए जा चुके हैं और इस बार द ओवल को मेजबान चुना गया है।
इसी मैदान पर 2023 का WTC फाइनल भी खेला गया था। ICC का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियां टेस्ट क्रिकेट के लिए उपयुक्त हैं और द ओवल ऐसा मैदान है जहां तेज गेंदबाजों, बल्लेबाजों और स्पिनरों—तीनों को अलग-अलग चरणों में मदद मिलती है।
इसके अलावा यहां दर्शकों की अच्छी मौजूदगी और टेस्ट क्रिकेट का समृद्ध इतिहास भी इसे बड़े मुकाबलों के लिए उपयुक्त बनाता है।
कौन-कौन सी टीमें खेलेंगी?
WTC 2025-27 चक्र में कुल नौ टेस्ट खेलने वाले देश हिस्सा ले रहे हैं। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज शामिल हैं।
सभी टीमों का लक्ष्य अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल कर फाइनल में जगह बनाना होगा। हालांकि, इस चक्र में कोई भी टीम सभी आठ विरोधी टीमों के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं खेलेगी।
प्रत्येक देश निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुल छह टेस्ट सीरीज खेलेगा, जिनमें कुछ घरेलू मैदान पर और कुछ विदेशी दौरों पर होंगी। इसलिए प्रत्येक सीरीज का परिणाम सीधे फाइनल की दौड़ को प्रभावित करेगा।
WTC का पॉइंट सिस्टम कैसे काम करता है?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में टीमों की रैंकिंग केवल कुल अंकों से नहीं बल्कि Points Percentage (PCT) के आधार पर तय की जाती है। किसी टेस्ट मैच में जीत, ड्रॉ और टाई के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित होते हैं और अंत में प्रत्येक टीम का अंक प्रतिशत निकाला जाता है।
ऐसे में, केवल ज्यादा मैच जीतना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उपलब्ध अंकों का अधिकतम प्रतिशत हासिल करना भी जरूरी होता है। यही कारण है कि एक सीरीज में मिली हार या ड्रॉ भी टीम की स्थिति को काफी प्रभावित कर सकता है। अंततः सबसे बेहतर PCT वाली दो टीमें ही WTC फाइनल खेलने का अधिकार हासिल करेंगी।
भारत के सामने कैसी चुनौती होगी?
भारतीय टीम के लिए इस बार WTC अभियान आसान नहीं रहने वाला है। भारत को न्यूजीलैंड, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं। विशेष रूप से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को इस चक्र की सबसे अहम सीरीज में माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजे अंक तालिका पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
इसके अलावा, भारत को घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यदि टीम शुरुआती सीरीज में मजबूत शुरुआत करती है, तो फाइनल की दौड़ में उसकी स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
किन टीमों पर रहेगी नजर?
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका को इस चक्र का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं, न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी टीमें भी अपनी अनुशासित टेस्ट क्रिकेट के दम पर बड़े उलटफेर करने की क्षमता रखती हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज भी घरेलू परिस्थितियों में किसी भी मजबूत टीम को चुनौती देने में सक्षम हैं।
कुल मिलाकर, अभी किसी भी टीम को फाइनल का पक्का दावेदार नहीं माना जा सकता और अगले दो वर्षों में हर टेस्ट सीरीज अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती है।
द ओवल की पिच कैसी है?
द ओवल की पिच टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से संतुलित मानी जाती है। मुकाबले के शुरुआती दिनों में यहां तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मूवमेंट मिलती है, जिससे नई गेंद काफी प्रभावी रहती है।
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान हो जाती है और बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। अंतिम दो दिनों में पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका भी बढ़ जाती है। यही संतुलन इस मैदान को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जैसे बड़े मुकाबले के लिए उपयुक्त बनाता है, जहां सभी विभागों की बराबर परीक्षा होती है।
आगे क्या होगा?
फाइनल की तारीख और मेजबान मैदान तय होने के बाद अब पूरी दुनिया की नजर WTC 2025-27 के अगले दो वर्षों पर रहेगी। आने वाली प्रत्येक टेस्ट सीरीज अंक तालिका और फाइनल की दौड़ को प्रभावित करेगी। ऐसे में, सभी नौ टीमें लगातार बेहतर प्रदर्शन कर शीर्ष दो स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगी।
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की नजर खास तौर पर टीम इंडिया के प्रदर्शन पर रहेगी, क्योंकि भारत पिछले चक्रों में फाइनल तक पहुंच चुका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत एक बार फिर खिताबी मुकाबले तक पहुंचेगा या इस बार कोई नई टीम इतिहास रचेगी।


