Commonwealth Games 2026 Day 2: भारत की नजर कई पदकों पर, पैरा पावरलिफ्टिंग से सबसे ज्यादा उम्मीद
दूसरा दिन क्यों अहम है?
ग्लासगो Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, कई ऐसी स्पर्धाएं आज आयोजित होंगी जिनमें भारतीय खिलाड़ियों से सीधे पदक की उम्मीद की जा रही है। पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग और आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स जैसे खेलों में भारतीय दल मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जबकि बॉक्सिंग, स्विमिंग और लॉन बॉल्स में भी भारत अपनी चुनौती पेश करेगा।
पहले दिन मिले सकारात्मक परिणामों ने पूरे दल का आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब टीम इंडिया की कोशिश शुरुआती बढ़त को मेडल टैली में बदलने की होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे दिन का प्रदर्शन पूरे अभियान की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्विमिंग से होगी शुरुआत
भारत के अभियान की शुरुआत स्विमिंग प्रतियोगिताओं से होगी, जहां श्रीहरि नटराज सहित कई भारतीय तैराक हीट्स में उतरेंगे। उनका पहला लक्ष्य फाइनल में जगह बनाना होगा, क्योंकि फाइनल में पहुंचने के बाद ही पदक की वास्तविक दौड़ शुरू होगी।
श्रीहरि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और उनसे इस बार भी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके अलावा, अन्य भारतीय तैराक भी अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय में सुधार करने का प्रयास करेंगे ताकि आगे के चरणों में जगह बना सकें।
यदि भारतीय तैराक शुरुआती दौर सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं, तो भारत के लिए पदक की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।
पैरा खेलों से बड़ी उम्मीद
आज भारत की सबसे बड़ी उम्मीद पैरा पावरलिफ्टिंग और पैरा स्विमिंग से जुड़ी हुई है। हाल के वर्षों में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने एशियाई और विश्व स्तर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जिसके कारण उनसे ग्लासगो में भी पदक की उम्मीद की जा रही है।
महिला और पुरुष दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबलों में उतरेंगे और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पोडियम तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
वहीं, पैरा स्विमिंग में भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे, जहां उनका लक्ष्य फाइनल में पहुंचकर देश के लिए शुरुआती पदक जीतना होगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे दिन भारत की मेडल टैली में सबसे बड़ा योगदान इन्हीं स्पर्धाओं से आ सकता है।
जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग की चुनौती
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में भारतीय पुरुष टीम टीम फाइनल और व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन दोनों पर ध्यान देगी। खिलाड़ियों का लक्ष्य कठिन रूटीन को सफलतापूर्वक पूरा कर टीम स्कोर मजबूत बनाना और व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाना होगा। दूसरी ओर, बॉक्सिंग में भारतीय मुक्केबाज अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
शुरुआती दौर के मुकाबलों में जीत दर्ज करना उनके लिए बेहद अहम रहेगा क्योंकि इससे क्वार्टर फाइनल और उसके बाद पदक की राह आसान हो सकती है। भारतीय टीम इस बार अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ उतरी है, जिससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद और बढ़ गई है।
लवलीना से बढ़ा मनोबल
पहले दिन लवलीना बोरगोहैन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का पहला पदक सुनिश्चित किया, जिससे पूरे भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ा है। उनकी सफलता ने बाकी खिलाड़ियों को भी सकारात्मक संदेश दिया है कि कठिन मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन किया जा सकता है।
ऐसे में, अब अन्य भारतीय मुक्केबाज और खिलाड़ी भी उसी लय को बरकरार रखते हुए अगले दौर में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती दिनों में मिलने वाली सफलता पूरे दल के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और आगे के मुकाबलों में उसका सकारात्मक असर देखने को मिलता है।
लॉन बॉल्स और टीम रणनीति
लॉन बॉल्स में भी भारत की चुनौती जारी रहेगी। पहले दिन के अच्छे प्रदर्शन के बाद अब भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य नॉकआउट चरण के करीब पहुंचना है। वहीं, पूरे भारतीय दल का फोकस केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को फाइनल और अंतिम चरणों तक पहुंचाने पर भी है।
मजबूत क्वालीफिकेशन भविष्य के पदकों की नींव रख सकता है और यही रणनीति कोचिंग स्टाफ भी अपनाना चाहता है। यदि विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ते हैं, तो अंतिम दिनों में भारत के पास पदक जीतने के अवसर भी अधिक होंगे।
भारत की उम्मीदें कितनी मजबूत हैं?
भारत ने इस बार 126 खिलाड़ियों का मजबूत दल भेजा है, जिसमें ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखने वाले कई खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, ग्लासगो गेम्स में इस बार खेलों की संख्या सीमित है, लेकिन लगभग हर स्पर्धा में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की मौजूदगी प्रतिस्पर्धा को बेहद कठिन बना रही है।
भारतीय कोचिंग स्टाफ का मानना है कि यदि खिलाड़ी शुरुआती मुकाबलों में अपनी लय हासिल कर लेते हैं, तो आगे पदक जीतने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर, दूसरे दिन भारत के सामने कई सुनहरे अवसर हैं और यदि खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करते हैं, तो मेडल टैली में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।


