भोजपुरी अभिनेत्री अंजना सिंह की शिकायत: खेसारी लाल यादव समेत कई लोगों पर AI तस्वीरों और ऑनलाइन उत्पीड़न के आरोप
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। अभिनेत्री अंजना सिंह ने अभिनेता खेसारी लाल यादव, उनके मैनेजर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस तथा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से अभद्र सामग्री फैलाई गई और AI तकनीक का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर साझा की गईं।
किन लोगों के नाम हैं?
अंजना सिंह ने अपनी शिकायत में खेसारी लाल यादव, उनके मैनेजर सोनू पांडेय, फिल्म लेखक अखिलेश कश्यप, कृष्णा बेदर्दी और संजय यादव का नाम लिया है।
शिकायत के अनुसार, एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से एक संगठित अभियान चलाया गया।
अभिनेत्री का आरोप है कि इस दौरान उनके और उनके परिवार को ऑनलाइन ट्रोलिंग, अभद्र टिप्पणियों और अन्य प्रकार के डिजिटल उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
अंजना सिंह ने क्या आरोप लगाए?
शिकायत के अनुसार, अंजना सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी तथा उनकी नाबालिग बेटी को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि AI की मदद से तैयार की गई कथित आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं और इससे उनके परिवार की गरिमा तथा निजता प्रभावित हुई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी पोस्ट, वीडियो और स्क्रीनशॉट सहित डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे गए हैं। साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आवश्यक रिकॉर्ड संरक्षित रखने का अनुरोध भी किया गया है ताकि जांच में उनका उपयोग किया जा सके।
पॉडकास्ट के बाद विवाद कैसे बढ़ा?
अंजना सिंह के अनुसार, हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने भोजपुरी सिनेमा से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दिए थे।
उनका कहना है कि जब उनसे पसंदीदा कलाकार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का नाम लिया, लेकिन खेसारी लाल यादव का उल्लेख नहीं किया।
इसके बाद, उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हुई। शिकायत में दावा किया गया है कि यही विवाद बाद में कथित ऑनलाइन उत्पीड़न और AI-आधारित सामग्री तक पहुंच गया। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
डिजिटल सबूत और साइबर जांच
अंजना सिंह का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा है और उन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों से भी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है।
वहीं, साइबर सेल यह जांच कर रही है कि कथित सामग्री कहां तैयार की गई, किन अकाउंट्स से साझा की गई और उसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।
दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया क्या है?
इस विवाद के दौरान लेखक अखिलेश कश्यप ने सार्वजनिक रूप से अंजना सिंह के आरोपों का विरोध किया और कहा कि उनके अनुसार खेसारी लाल यादव ने कोई गलत टिप्पणी नहीं की है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि विवाद के पीछे अन्य कारण हैं। दूसरी ओर, अंजना सिंह ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
हालांकि, इस शिकायत में लगाए गए आरोपों पर खेसारी लाल यादव या उनके आधिकारिक प्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले का दूसरा पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस और साइबर सेल शिकायत के आधार पर जांच कर रहे हैं। डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
ऐसे में, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जबकि यदि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो जांच का निष्कर्ष उसी आधार पर तय होगा। फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।


