कबीरधाम, 21 अक्टूबर 2026: विजय शर्मा ग्राम लोहझरी पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री ने गांव की समस्याएं सुनीं। इसके अलावा, उन्होंने कई विकास कार्यों की घोषणा की।
दरअसल, 17 अक्टूबर को विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम लोहझरी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मांगों पर चर्चा की।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ने सड़क और मंच निर्माण के लिए कुल ₹20 लाख 20 हजार की घोषणा की।
विजय शर्मा ग्राम लोहझरी क्यों पहुंचे?
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव की जरूरतों को समझने के लिए लोहझरी का दौरा किया।
दरअसल, वह कवर्धा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की।
वहीं, ग्रामीणों ने सड़क और दूसरी सुविधाओं से जुड़ी मांगें रखीं।
इसके अलावा, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए निर्माण कार्यों की जरूरत बताई।
उपमुख्यमंत्री ने इन मांगों को लेकर आवश्यक पहल करने की बात कही।
हालांकि, घोषित कार्यों के पूरा होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
महामाया मंदिर में पूजा के बाद ग्रामीणों से संवाद
विजय शर्मा ने गांव पहुंचकर महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद मंदिर परिसर में ग्रामीणों के साथ बैठक हुई।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में मौजूद रहे।
इसके अलावा, गांव में सड़क और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
इस दौरान कई निर्माण कार्यों के लिए राशि घोषित की गई।
ग्राम लोहझरी के विकास के लिए कितनी राशि घोषित हुई?
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव के विकास के लिए ₹20.20 लाख की घोषणा की।
इस राशि से कई स्थानीय निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
इनमें सीसी सड़क और रंगमंच निर्माण शामिल हैं।
वहीं, धार्मिक स्थलों के आसपास सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है।
इसके अलावा, स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
हालांकि, घोषणा और निर्माण कार्य पूरा होना अलग चरण हैं।
इसलिए वास्तविक प्रगति संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
चार सीसी सड़कों के लिए ₹10.40 लाख की घोषणा
लोहझरी में सड़क निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री ने चार सीसी सड़क बनाने की घोषणा की।
इन कार्यों के लिए ₹10 लाख 40 हजार की राशि प्रस्तावित है।
वहीं, सीसी सड़क का निर्माण सीमेंट-कंक्रीट से किया जाता है।
इससे स्थानीय आवागमन की सुविधा बेहतर हो सकती है।
इसके अलावा, बारिश के मौसम में भी पक्की सड़कों से लोगों को सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, सड़क की गुणवत्ता निर्माण सामग्री और उचित रखरखाव पर निर्भर करेगी।
इसलिए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी जरूरी होगी।
दुर्गा मंदिर के पास बनेगा रंगमंच
उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा मंदिर के आसपास रंगमंच बनाने की घोषणा की।
इस कार्य के लिए ₹2 लाख 60 हजार की राशि बताई गई है।
दरअसल, गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
ऐसे आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान की जरूरत होती है।
वहीं, मंच बनने से स्थानीय कलाकारों को भी सुविधा मिल सकती है।
इसके अलावा, सार्वजनिक आयोजनों की व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
हालांकि, निर्माण की शुरुआत और समाप्ति की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
हनुमान मंदिर के पास भी रंगमंच निर्माण की योजना
ग्राम लोहझरी में हनुमान मंदिर के पास भी मंच निर्माण प्रस्तावित है।
इसके लिए ₹2 लाख 60 हजार देने की घोषणा की गई।
दरअसल, गांव में धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं।
इसलिए स्थायी मंच की व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।
वहीं, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अलग स्थान उपलब्ध होगा।
इसके अलावा, स्थानीय सामाजिक गतिविधियों को भी सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, मंच के आकार और निर्माण संबंधी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हैं।
महामाया मंदिर में दो मंच बनाने की घोषणा
महामाया मंदिर परिसर में भी निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
यहां दो मंच बनाने के लिए ₹2 लाख 60 हजार की राशि बताई गई है।
दरअसल, मंदिर गांव की धार्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण स्थान है।
वहीं, स्थानीय लोग यहां पूजा और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए पहुंचते हैं।
इसके अलावा, त्योहारों के दौरान मंच की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए नए निर्माण से आयोजनों की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि, इन कार्यों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।
विकास कार्यों की हर महीने होगी समीक्षा
विजय शर्मा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने नियमित निगरानी की आवश्यकता बताई।
दरअसल, विकास कार्य समय पर पूरे होना जरूरी है।
इसके अलावा, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ने हर महीने समीक्षा बैठक करने की बात कही।
इन बैठकों में जिला पंचायत सदस्य और जनपद सदस्य शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, सरपंच, ठेकेदार और अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया।
इससे कार्यों की प्रगति और समस्याओं पर चर्चा हो सकेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को क्या जिम्मेदारी दी गई?
उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रतिनिधियों से निर्माण कार्यों पर नजर रखने को कहा।
दरअसल, गांव के विकास में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वे निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी जुटा सकते हैं।
इसके अलावा, ग्रामीणों की शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
वहीं, ठेकेदारों के साथ काम की गुणवत्ता पर चर्चा कर सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने नियमित बैठक और सामूहिक समीक्षा पर जोर दिया।
हालांकि, निर्माण कार्यों की औपचारिक जिम्मेदारी संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी की होगी।
कवर्धा में ₹1,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य जारी
विजय शर्मा ने कवर्धा क्षेत्र की बड़ी विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य प्रगतिरत हैं।
इनमें भोरमदेव कॉरिडोर शामिल है।
इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज और सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाएं भी चल रही हैं।
वहीं, रायपुर-बिलासपुर मार्ग से जुड़े निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
हालांकि, प्रत्येक परियोजना की प्रगति अलग-अलग हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने पर जोर
कवर्धा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
दरअसल, इस परियोजना से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की आशा जताई।
हालांकि, कॉलेज के संचालन की अंतिम तारीख स्पष्ट नहीं की गई है।
इसलिए निर्माण पूरा होने और शैक्षणिक संचालन शुरू होने में अंतर समझना जरूरी है।
विकास कार्यों की जांच के लिए बनाई गई टीमें
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बड़ी परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है।
इसके लिए संबंधित टीमों को जिम्मेदारी दी गई है।
दरअसल, ये टीमें हर महीने के पहले सप्ताह में निरीक्षण करती हैं।
वहीं, निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।
इसके अलावा, कार्य में देरी या दूसरी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
इसलिए नियमित निरीक्षण को विकास परियोजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
विजय शर्मा के कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहा?
ग्राम लोहझरी में आयोजित बैठक के दौरान कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू शामिल रहे।
इसके अलावा, जिला पंचायत सदस्य मनीराम साहू भी उपस्थित थे।
वहीं, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे कार्यक्रम में शामिल हुए।
जनपद अध्यक्ष रामकिंकर वर्मा की भी मौजूदगी रही।
इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें उपमुख्यमंत्री के सामने रखीं।
विजय शर्मा ग्राम लोहझरी दौरे का क्या महत्व है?
विजय शर्मा ग्राम लोहझरी दौरे के दौरान स्थानीय समस्याओं से रूबरू हुए।
उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं।
वहीं, सड़क और मंच निर्माण के लिए धनराशि घोषित की।
इसके अलावा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा पर जोर दिया।
हालांकि, घोषणाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इसलिए आने वाले समय में बजट स्वीकृति और निर्माण की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।
आपकी क्या राय है? क्या जनप्रतिनिधियों को गांवों में जाकर नियमित रूप से ग्रामीणों की समस्याएं सुननी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
नोट: ₹20.20 लाख की राशि उपमुख्यमंत्री द्वारा घोषित विकास कार्यों की बताई गई है। इन कार्यों को पूरा हो चुका निर्माण नहीं माना जाना चाहिए।


