युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से लिया संन्यास
भारत के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। चहल ने कहा कि टेस्ट कैप हासिल करना अब संभव नहीं है। उन्होंने भारत के लिए कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला। हालांकि, उन्होंने वनडे और टी-20 क्रिकेट में वापसी की उम्मीद पूरी तरह नहीं छोड़ी है। चहल ने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अभी भी बरकरार है और वह वनडे तथा टी-20 में वापसी के लिए पूरी कोशिश करेंगे। चहल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने क्रिकेट सफर और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए कभी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। इसी सफर के दौरान उन्होंने धैर्य, चरित्र, जुझारूपन और लंबे समय तक मैदान पर बने रहने की खुशी सीखी।
टेस्ट कैप हमेशा मेरा सपना रहा
चहल ने कहा कि टेस्ट कैप पहनना हमेशा से उनका सपना रहा था। यह ऐसा सपना था जिसे उन्होंने कई वर्षों तक अपने साथ संजोकर रखा। हालांकि, उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बावजूद चहल ने अपने क्रिकेट सफर को लेकर संतोष जताया और कहा कि इस फॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए वह बेहद शुक्रगुजार हैं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला। इस बात को लिखना उनके लिए भावुक करने वाला था, क्योंकि टेस्ट कैप हमेशा उनका सपना रहा। कई वर्षों तक यह सपना उनके साथ रहा, लेकिन अब वह मानते हैं कि यह सपना पूरा नहीं हो सका। चहल ने कहा कि सपना पूरा नहीं होने के बावजूद वह अपने सफर से सचमुच संतुष्ट हैं और इस फॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हैं। युजवेंद्र चहल ने यह भी साफ किया कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का मतलब उनके क्रिकेट सफर का पूरी तरह खत्म होना नहीं है।
492 मैचों में 348 विकेट
चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर शुरू किया था। उन्होंने 49 मैचों में 32.27 की औसत से 148 विकेट हासिल किए। उनके फर्स्ट क्लास करियर का आखिरी मुकाबला नॉर्थम्पटनशायर के लिए रहा। 2026 काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन-2 में उन्होंने 21 विकेट लिए। चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लंबे समय तक गेंदबाजी करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की। उनके आंकड़ों में विकेटों की संख्या के साथ-साथ अलग-अलग स्तरों पर क्रिकेट खेलने का अनुभव भी शामिल रहा। उनका आखिरी फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच लॉर्ड्स में खेला गया। इसी मुकाबले के साथ उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट के अपने सफर को समाप्त करने का फैसला किया। युजवेंद्र चहल ने इस सफर को अपने लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसमें मिले अनुभवों और मौकों के लिए आभार व्यक्त किया।
वनडे और टी-20 में वापसी की उम्मीद बरकरार
फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद चहल ने वनडे और टी-20 क्रिकेट के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि देश के लिए खेलने की भूख अभी भी पूरी तरह बरकरार है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके अंदर अभी भी क्रिकेट बाकी है और वह वनडे तथा टी-20 फॉर्मेट में एक और मौका हासिल करने के लिए अपना सबकुछ लगाने वाले हैं। इस तरह चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अपने सफर को विराम दिया है, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट को लेकर उनकी कोशिश जारी रहेगी।


