कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट: 2 साल पहले लाइसेंस रद्द, फिर कैसे चल रही थी फैक्टरी?

  • August 31, 2026
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कौशांबी के मनौरी में पटाखा फैक्टरी विस्फोट के बाद राहत और बचाव अभियान

कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर स्थित पिपरी और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में सोमवार को एक पटाखा फैक्टरी में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। तेज धमाके के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई मकान इसकी चपेट में आ गए। कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। किसी अन्य अनहोनी से बचने के लिए आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और पुलिस टीम मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे।

मनौरी बाजार में दोपहर करीब 12 बजे लगी आग

दरअसल, यूपी के कौशांबी बॉर्डर पर स्थित पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लग गई। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में करीब पांच लोगों की मौत की बात सामने आ रही है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। हालांकि, मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच और राहत-बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को पूरी तरह ढक लिया। इससे मनौरी बाजार में अफरा-तफरी मच गई।

धमाकों से 15 से अधिक मकान हुए धराशायी

विस्फोट इतना तेज था कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। कई मकानों के शीशे भी टूट गए। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। इसके बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं, लगातार हो रहे धमाकों के कारण शुरुआती समय में राहत-बचाव टीमों के लिए फैक्टरी के अंदर पहुंचना भी मुश्किल हो गया।

फैक्टरी में करीब 25 मजदूरों के काम करने की सूचना

बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के वक्त फैक्टरी में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे, जबकि कुछ शुरुआती सूचनाओं में अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई थी। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण अंदर जाना मुश्किल था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान से अचानक धुआं उठने लगा और इसके कुछ ही देर बाद पटाखों में एक के बाद एक विस्फोट शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटी रही।

घायलों को SRN अस्पताल प्रयागराज भेजा गया

हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना मिली है। आग और विस्फोट की चपेट में आए घायलों को इलाज के लिए SRN अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशांबी के डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत-बचाव अभियान की स्थिति की जानकारी ली।

बता दें कि यह हादसा कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ, जो प्रयागराज बॉर्डर पर स्थित है। हादसे वाली जगह से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। फैक्टरी में पटाखों में आग लगने के बाद लगातार धमाके होते रहे। धुएं का घना गुबार काफी दूर तक दिखाई दिया। आसपास के लोगों में इस बात को लेकर भी डर फैल गया कि कहीं आग और विस्फोट दूसरे घरों तक न पहुंच जाए। इसी वजह से एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को खाली कराया गया।

कैसे हुआ विस्फोट? बिजली के तार भी जांच के दायरे में

वहीं, मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी में बस्ती से कुछ दूर एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। बताया गया कि उस मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार दोपहर अचानक मकान से धुआं उठने लगा। कुछ देर बाद एक-एक करके पटाखे फूटने लगे और देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस और संबंधित टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

फैक्टरी के लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों की भी होगी जांच

हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल फैक्टरी के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्टरी में पटाखों के निर्माण और भंडारण के लिए वैध अनुमति और जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।

वहीं, फैक्टरी के लाइसेंस से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और उसके संचालन की वैधता की भी जांच की जा रही है। ऐसे में यदि पहले लाइसेंस रद्द किए जाने की बात सामने आती है, तो यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा कि इसके बावजूद फैक्टरी किस तरह संचालित हो रही थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर लाइसेंस रद्द होने और उसके बाद फैक्टरी चलने की पूरी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इसलिए इस पहलू पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया हादसे का संज्ञान

इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कौशांबी में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का बेहतर तरीके से इलाज कराया जाए। इसके अलावा, सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों से बात कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है।

विस्फोट के बाद कई मकानों के धराशायी होने की वजह से मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस और राहत-बचाव टीमें मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं। दूसरी ओर, लगातार धमाकों और फैक्टरी में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण घटनास्थल पर सावधानी बरती जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता पहले इलाके को सुरक्षित करना और इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है।

कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट ने खड़े किए कई बड़े सवाल

यह हादसा सिर्फ एक फैक्टरी में आग लगने की घटना नहीं है, बल्कि इसके बाद कई गंभीर सवाल भी सामने आए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फैक्टरी में बड़ी मात्रा में पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था, तो वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? इसके अलावा, बस्ती के नजदीक पटाखा निर्माण की अनुमति कैसे मिली, फैक्टरी में कितने मजदूर काम कर रहे थे और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था, इसकी भी जांच जरूरी है। साथ ही, लाइसेंस और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी पुराने लाइसेंस के रद्द होने की पुष्टि होती है, तो उसके बाद फैक्टरी के संचालन की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आएगी।

हादसे के पीछे की असली वजह जांच के बाद होगी साफ

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की डिटेल जांच की जा रही है। विस्फोट की वास्तविक वजह, फैक्टरी में मौजूद पटाखों की मात्रा, सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंस और निर्माण की अनुमति समेत सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट में कितने लोगों की मौत हुई और कितने लोग घायल हुए, इसकी अंतिम संख्या भी राहत-बचाव अभियान और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल इस खबर में इतना ही। हादसे ने एक बार फिर पटाखा निर्माण और भंडारण में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में विस्फोट की असली वजह क्या सामने आती है और फैक्टरी के संचालन से जुड़े नियमों का कितना पालन किया गया था।

FAQ

कौशांबी में पटाखा फैक्टरी विस्फोट कहां हुआ?

यह हादसा उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ, जो प्रयागराज बॉर्डर के पास स्थित है। घटना मनौरी बाजार क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है।

पटाखा फैक्टरी में विस्फोट कब हुआ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे फैक्टरी में आग लगी और इसके बाद पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे।

हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

प्रारंभिक जानकारी में करीब पांच लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। हालांकि, मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच और राहत-बचाव अभियान के बाद होनी है।

विस्फोट से कितने मकान प्रभावित हुए?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हुए हैं। इसके अलावा कई मकानों के शीशे भी टूट गए।

विस्फोट किस वजह से हुआ?

फिलहाल विस्फोट की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित टीमें मामले की जांच कर रही हैं। बिजली के तारों सहित फैक्टरी की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या निर्देश दिए?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज कराने और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।