ICC के नए नियम: स्टॉप क्लॉक से शॉर्ट रन तक, इन बदलावों से बदलेगा क्रिकेट का चेहरा, गलती पर सीधे 5 रन की सजा!

  • June 26, 2025
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इंटरनेशनल क्रिकेट में अब पहले जैसा कुछ नहीं रहेगा! ICC ने एक साथ आधे दर्जन से ज्यादा नए नियमों और बदलावों को मंजूरी दी है, जो खेल को तेज, निष्पक्ष और रोमांचक बनाने के इरादे से लाए गए हैं।

नए नियमों में शामिल हैं – स्टॉप क्लॉक, DRS अपडेट्स, शॉर्ट रन की सजा, कैच पर नई प्रक्रिया, और यहां तक कि नो बॉल और सलाइवा से जुड़े भी बड़े बदलाव। कुछ नियम WTC 2025-27 से लागू हो चुके हैं और व्हाइट बॉल फॉर्मेट में ये 2 जुलाई से लागू होंगे।


स्टॉप क्लॉक अब टेस्ट क्रिकेट में भी

एक मिनट में ओवर तैयार नहीं? तो 5 रन की पेनल्टी लगेगी!
अब टेस्ट क्रिकेट में भी स्टॉप क्लॉक लागू हो गया है। हर ओवर के बाद अगला ओवर 60 सेकंड के भीतर शुरू करना जरूरी है। दो चेतावनियों के बाद फील्डिंग टीम पर 5 रन की सजा तय है। हर 80 ओवर के बाद चेतावनियां रीसेट होंगी।


सलाइवा पर नहीं मिलेगी ‘चालाकी की छूट’

अब अंपायर तय करेंगे कि सलाइवा से गेंद बदलेगी या नहीं। जानबूझकर गेंद पर सलाइवा लगाकर उसे बदलवाने की कोशिश की तो 5 रन बल्लेबाजी टीम को मिलेंगे, लेकिन गेंद तभी बदलेगी जब वह वाकई प्रभावित हुई हो।


DRS का नया फॉर्मेट – LBW और कैच अब साथ-साथ जांचे जाएंगे

अब अगर कैच आउट खारिज होता है और गेंद पैड को लगी हो, तो LBW पर ‘अंपायर कॉल’ आने पर बल्लेबाज आउट माना जाएगा। यानी ‘नॉट आउट’ का डिफॉल्ट खत्म हो गया है – अब ओरिजिनल डिसीजन का असर रहेगा।


रिव्यू की क्रमवार जांच

अगर एक ही गेंद पर दो अपील (जैसे LBW और रन आउट) हुईं तो पहले घटी घटना की समीक्षा पहले होगी। अगर पहली ही अपील में बल्लेबाज आउट हो गया, तो दूसरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।


नो-बॉल के बाद भी होगा कैच की निष्पक्षता का विश्लेषण

अब अगर गेंद नो-बॉल निकले, फिर भी कैच की जांच होगी। अगर कैच सही लिया गया है, तो बल्लेबाजी टीम को केवल नो-बॉल का रन मिलेगा। नहीं तो, कैच क्लीन न होने पर बाकी रन भी जुड़ेंगे।


जानबूझकर शॉर्ट रन पर अब सख्त सजा

अगर बल्लेबाज रन चुराने के लिए जानबूझकर क्रीज में नहीं पहुंचते, तो 5 रन की पेनल्टी तो लगेगी ही, साथ में फील्डिंग टीम तय करेगी कि अगली गेंद पर कौन स्ट्राइक लेगा।


घरेलू क्रिकेट में ‘फुल टाइम सब्स्टीट्यूट’ का ट्रायल

गंभीर चोट लगने पर फर्स्ट क्लास घरेलू क्रिकेट में पूरे समय के लिए रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लाने का ट्रायल शुरू होगा। चोट का स्पष्ट प्रमाण जरूरी होगा और यह नियम केवल मांसपेशियों की मामूली चोट पर लागू नहीं होगा।