सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1.5% से ज्यादा गिर गया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा गिरकर 73,600 के करीब आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी करीब 400 अंक से ज्यादा फिसलकर 23,100 से नीचे आ गया। शेयर बाजार गिरावट के दौरान सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में करीब 2-2% की गिरावट आई। बाजार का कुल रुख तेजी से नकारात्मक हो गया।
NSE पर 2,019 शेयरों में गिरावट
NSE पर 679 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,019 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। बाजार के बाकी हिस्सों में भी भारी बिकवाली देखी गई। इसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1-1% की गिरावट आई। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए गए। इनमें बॉन्ड यील्ड का 19 साल के टॉप पर पहुंचना प्रमुख कारणों में शामिल रहा। अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
बॉन्ड यील्ड 19 साल के उच्च स्तर पर
अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 13.89 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.106% हो गई। यह 2007 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त थी। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से डेट मार्केट ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। इससे अक्सर इक्विटी मार्केट में कुछ गिरावट आती है। फेड के ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कारण भी शेयर बाजार गिरावट बढ़ी। फेड फंड्स फ्यूचर्स ट्रेडर्स अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की 66% संभावना मान रहे हैं। अमेरिका में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भी काफी तेजी आई है। महंगाई को रोकने के लिए फेड ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है।
तेल की कीमतों और रुपये पर भी असर
कीमतें 99 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिरने के बाद फिर 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के तरीके को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने यूएन जनरल असेंबली में कहा कि तेहरान कभी भी अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल के बीच शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 95.87 पर आ गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि रुपया 95.60-95.95 के दायरे में बना हुआ है और भारतीय बाजारों में लगातार बिकवाली से सेंटीमेंट सतर्क बना हुआ है।


