IIT बॉम्बे में साहिल की मौत के बाद गहराया विवाद
आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है. एक तरफ छात्र की मौत को लेकर प्रदर्शन और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग हो रही है, तो दूसरी तरफ संस्थान का फैकल्टी फोरम प्रोफेसर के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है. बीते सोमवार को करीब 750 शिक्षकों ने प्रोफेसर डुल्ला के समर्थन में कैंपस मार्च निकाली।
दरसल साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था. 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन पाया गया. आरोप है कि वह प्रश्न पत्र की तस्वीर ChatGPT पर डालकर सवालों के जवाब ले रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। फैकल्टी फोरम के मुताबिक, उस परीक्षा में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला निरीक्षक की भूमिका में थे. उन्होंने परीक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल होता देखा और संस्थान के तय नियमों के मुताबिक मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके कुछ घंटे बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया.
साहिल के पिता की शिकायत के बाद प्रोफेसर पर मामला दर्ज
उसकी मौत के बाद कैंपस में छात्रों का विरोध शुरू हो गया और मामले में संस्थान की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। वही साहिल के पिता की शिकायत के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. साहिल के पिता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को को जातिगत आधार पर परेशान किया गया और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, साहिल के दोस्त का ताजा बयान इन आरोपों से अलग तस्वीर पेश करता है. उसने कहा कि उसे ऐसा कभी नहीं लगा कि साहिल के साथ जाति के आधार पर कोई भेदभाव किया जा रहा था। विवाद बढ़ने के बाद आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूल्ला के समर्थन में बयान जारी किया. फोरम ने कहा कि डूल्ला ने परीक्षा के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाई और संस्थान की तय शैक्षणिक प्रक्रिया के तहत मामले की जानकारी अधिकारियों को दी थी।
फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूल्ला के समर्थन में क्या कहा?
फोरम ने यह भी कहा कि डूल्ला को आईआईटी बॉम्बे की नौकरी से निलंबित नहीं किया गया है. उन्हें फिलहाल डीन की प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटाया गया है, ताकि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो सके. फोरम ने उन्हें एक अनुभवी और सम्मानित शिक्षक बताते हुए उनके खिलाफ सामने आई कथित भ्रामक खबरों पर भी आपत्ति जताई।
अब साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच एजेंसियों को उसकी एक महिला मित्र से पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिली है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, आत्महत्या से पहले साहिल ने दोपहर करीब 2:30 बजे अपनी महिला मित्र से फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत को साहिल की आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज कर लिया है।
साहिल की आखिरी कॉल में क्या कहा था?
सूत्रों के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान साहिल ने अपनी दोस्त से कहा था, “मुझसे गलती हो गई। मेरा थर्मोडायनामिक्स का पेपर भी अच्छा नहीं गया था और अब ये हो गया।” इसके बाद उसकी दोस्त ने उसे शांत रहने और संयम रखने की सलाह दी। उसने साहिल से अगले पेपर की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा।
जांच अधिकारियों को दिए बयान में महिला मित्र ने बताया कि यह साहिल से उसकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद साहिल ने उसके फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, इस बातचीत के दौरान साहिल ने कथित तौर पर न तो किसी जातिसूचक टिप्पणी का जिक्र किया और न ही उस घटना के बारे में कोई बात की, जिसे लेकर बाद में आरोप सामने आए।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को छुट्टी पर भेजा गया
इस बीच, मामले में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे पहले आईआईटी मुंबई ने छात्र की आत्महत्या के बाद हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच सोमवार को प्रोफेसर डूला को प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, डीन पद से हटाए जाने के बाद अब उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है। फिलहाल कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। इधर साहिल वाकोडे की मौत की जांच मुंबई अपराध शाखा कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे को 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था।
मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान हुई थी घटना
यह घटना उस समय हुई जब मिड-सेमेस्टर परीक्षा चल रही थी। अधिकारियों के अनुसार, घटना से कुछ घंटे पहले साहिल को परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। आपको बता दे की प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, महिला मित्र से हुई कथित आखिरी बातचीत के संबंध में जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि साहिल ने फोन पर जातिसूचक टिप्पणी या मामले से जुड़ी किसी घटना का जिक्र नहीं किया था। वहीं, साहिल की मां ने मंगलवार को दावा किया था कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि जाति के आधार पर उसे प्रताड़ित किया गया, उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे अपमानित किया गया।
परिवार ने की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
साहिल के माता-पिता ने आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग भी की है। अब इस मामले में बुधवार यानी आज जांच के लिए 10 सदस्यों की एक हाईलेवल कमेटी गठित की है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांचपहले ही इस मामले की जांच कर रही है।
साहिल की आखिरी कॉल को लेकर सामने आई जानकारी के साथ-साथ जांच एजेंसियां मामले के दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। महिला मित्र के बयान में सामने आई जानकारी और साहिल की मां की ओर से किए गए दावों के बीच अलग-अलग बातें सामने आई हैं। ऐसे में मामले की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


