‘चीन 20 साल आगे की सोच रहा है और हम…’, हर्ष गोयनका ने भारत के कारोबार पर उठाया बड़ा सवाल

  • September 24, 2026
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हर्ष गोयनका ने चीन और भारत के कारोबार पर सवाल उठाया

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर इसमें फेरबदल किया जाता है। इस महीने की पहली तारीख को कमर्शियल एलपीजी यानी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में करीब 8.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि सरकारी कीमत में किसी बड़ी कटौती की घोषणा नहीं हुई है, इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में यह सिलेंडर काफी सस्ता मिल रहा है।

कुछ इलाकों में 600 रुपये तक सस्ता

मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर 600 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। कुछ गांवों और छोटे कस्बों में यह सिलेंडर सरकारी कीमत से करीब 200 से 600 रुपये तक कम कीमत पर उपलब्ध है। उदाहरण के लिए कुशीनगर में इस सिलेंडर की आधिकारिक कीमत 2,946 रुपये तय है। लेकिन कुछ जगहों पर यही सिलेंडर 2,400 से 2,700 रुपये में मिल रहा है। इसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग सर्विसेज देने वाले कारोबारी करते हैं।

कमर्शियल सिलेंडर की सरकारी कीमत और कुछ इलाकों में मिलने वाली कीमत के बीच अंतर ने सवाल खड़ा किया है कि आखिर कीमत कम क्यों हो रही है। सरकारी कीमत में बदलाव न होने के बावजूद गैस एजेंसियों की ओर से कुछ स्थानों पर कम कीमत में सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसकी वजह गैस की उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर सप्लाई से जुड़ी स्थिति बताई गई है। ज्यादा सप्लाई होने के कारण कुछ गैस एजेंसियां अपना स्टॉक जल्दी खाली करने के लिए कम कीमत पर सिलेंडर बेच रही हैं। इसी वजह से कुछ इलाकों में कारोबारियों को सरकारी कीमत से कम दाम पर सिलेंडर मिल रहा है।

कीमत कम क्यों हुई?

ईरान युद्ध के कारण कुछ महीने पहले देश में गैस की सप्लाई को लेकर लोगों को परेशानी हुई थी। खासकर कमर्शियल सिलेंडर के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। हालांकि सप्लाई में सुधार के बाद स्थिति बदल गई है। ज्यादा सप्लाई होने के कारण कुछ गैस एजेंसियां स्टॉक क्लियर करने के लिए इन्हें कम कीमत पर बेच रही हैं। यानी जहां पहले सप्लाई को लेकर परेशानी थी, वहीं अब पर्याप्त सप्लाई के कारण कुछ एजेंसियां कम दाम पर सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं।

कच्चे तेल की कीमत में भी नरमी

कच्चे तेल की कीमत पिछले हफ्ते 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसमें नरमी आई है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड मामूली गिरावट के साथ 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। पश्चिम एशिया में लड़ाई के कारण भारत का एलपीजी आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इससे निपटने के लिए भारत ने कई देशों से आयात बढ़ाया था। पहले जहां 10 देशों से एलपीजी का आयात किया जा रहा था, वहीं ईरान युद्ध के बाद 15 देशों से एलपीजी आ रही है। इनमें अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। अमेरिका से एलपीजी के भारत पहुंचने में 45 दिन का समय लगता है। अमेरिका के टेक्सास तट से मुंबई की समुद्री दूरी करीब 22,000 किलोमीटर है। आयात के स्रोत बढ़ने और सप्लाई में सुधार के साथ स्थानीय बाजार में भी उपलब्धता की स्थिति बदली है।

होटल और कारोबारियों के लिए उपयोगी

कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग सर्विसेज देने वाले कारोबारी करते हैं। इसलिए इसकी कीमत में स्थानीय स्तर पर आने वाला अंतर इन कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है। सरकारी कीमत एक स्तर पर बनी रहने के बावजूद कुछ जगहों पर कम कीमत मिलने की वजह स्थानीय सप्लाई और एजेंसियों के स्टॉक से जुड़ी हुई है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों और छोटे कस्बों में सिलेंडर सरकारी कीमत की तुलना में 200 से 600 रुपये तक कम में उपलब्ध होने की बात सामने आई है।