कश्मीरी पंडितों को फिर धमकी, 6000 कर्मचारी डरे; शाम से पहले घर लौटने की हिदायत

  • September 11, 2026
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जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस और कमांडो

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को फिर मिली धमकी

जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को एक बार फिर धमकी भरी चिट्ठी मिलने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल यानी ULC ने कश्मीरी पंडितों के नाम एक और चिट्ठी जारी की है। बताया गया है कि यह एक महीने में जारी होने वाली छठी धमकी भरी चिट्ठी है। PM पैकेज के तहत जम्मू-कश्मीर में करीब 6,000 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को नौकरी और आवास दिए गए हैं। धमकी के बाद कई कर्मचारियों ने दफ्तर जाना छोड़ दिया है। कुछ कर्मचारी जम्मू लौट गए हैं।

पोस्टर और चिट्ठियों में निजी जानकारी का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक धमकी भरे पोस्टर और चिट्ठियों में कर्मचारियों के फोन नंबर, पते और गाड़ियों की जानकारी तक होने की बात सामने आई है। बडगाम जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित शेखूपुरा कॉलोनी में लगभग 330 परिवार रह रहे हैं। कॉलोनी के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और कमांडो तैनात हैं। कर्मचारियों को शाम करीब 4 बजे से पहले घर लौटने के लिए कहा जाता है। अब डॉक्टर के पास जाने या राशन लेने जैसे सामान्य कामों के लिए भी पहले सुरक्षा व्यवस्था को सूचना देनी पड़ रही है।

शेखूपुरा कॉलोनी में बढ़ाई गई सुरक्षा

कर्मचारियों के परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर बताई गई है। रिपोर्ट में एक कर्मचारी के हवाले से कहा गया है कि पहले लोग सामान्य रूप से बाहर आ-जा सकते थे, लेकिन अब स्कूल बसों और सामान्य आवाजाही पर भी सुरक्षा संबंधी पाबंदियां बढ़ गई हैं। कॉलोनी के बाहर दुकानों और अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कश्मीरी पंडित संगठनों ने प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से मामले की जांच तथा सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

धमकी के बाद कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

धमकी के बाद कॉलोनियों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है। कर्मचारियों के लिए रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। शाम करीब 4 बजे से पहले घर लौटने की हिदायत और बाहर जाने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को सूचना देने की जरूरत ने परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कर्मचारी जम्मू लौट गए हैं, जबकि कई कर्मचारियों ने दफ्तर जाना भी छोड़ दिया है। ऐसे में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर संगठनों की ओर से प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से सुरक्षा बढ़ाने और मामले की जांच की मांग की गई है।