CJP के संसद मार्च के बाद NEET पेपर लीकपर PM मोदी का बड़ा ऐलान, पूरा देश हैरान!

  • July 21, 2026
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दिल्ली में NDA संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का पहला बड़ा बयान, बोले- छात्रों के साथ खड़ी है सरकार

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी ने क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का NEET पेपर लीक मामले पर पहला बड़ा बयान सामने आया है। दिल्ली में आयोजित NDA संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ में प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को बताया ‘घोर पाप’

NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले को ‘घोर पाप’ बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। उन्होंने राज्यों से भी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की अपील की।


किरण रिजिजू ने सरकार की कार्रवाई पर क्या कहा?

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए NEET की पुनः परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। सरकार का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को प्रभावित होने से बचाना था।


छात्रों को लेकर पीएम मोदी का क्या संदेश था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA सांसदों से कहा कि बच्चों को भड़काने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गलत रास्ते पर जाना आसान होता है, लेकिन सही रास्ते पर लौटना कठिन होता है। इसलिए समाज और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं का मार्गदर्शन करें। यह टिप्पणी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आई।


‘मंगल मिलन’ बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

NDA संसदीय दल की बैठक को ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया था। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई मंत्री और सांसद मौजूद रहे। किरण रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने करीब पांच मिनट तक NEET पेपर लीक मामले पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।


आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी

प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने पर जोर दिया। किरण रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया है कि देश के वरिष्ठ वकीलों की मदद लेकर आरोपियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।


संसद मार्च के दौरान क्या हुआ?

सोमवार को देशभर से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी CJP के संसद मार्च में शामिल हुए। मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद कई एफआईआर दर्ज की गईं और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।


सुप्रीम कोर्ट में NEET मामले की सुनवाई क्यों अहम है?

इस बीच सुप्रीम कोर्ट NEET-UG पेपर लीक मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई की तैयारी कर रहा है। याचिकाओं में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है। परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

NEET विवाद की शुरुआत तब हुई जब NTA ने परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी की। इसके बाद कई छात्रों और कोचिंग संस्थानों ने दावा किया कि परीक्षा से पहले एक कथित ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ था। आरोप लगाया गया कि उसके कई सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, हाथ से लिखे गए प्रश्नों का एक सेट कुछ लोगों के बीच बांटा गया था, जिसकी जांच जारी है।


सरकार और विपक्ष के बीच क्या है विवाद?

प्रधानमंत्री के ताजा बयान के बाद सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरी ओर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार भी जरूरी हैं।


आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर रहेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के अपने वादों को किस तरह लागू करती है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया कई नए पहलुओं को सामने ला सकती है।


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