SBI लोन ब्याज दर बढ़ी: MCLR, RLLR और EBLR में बढ़ोतरी, जानें आपकी EMI पर कितना असर

  • October 16, 2026
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SBI लोन ब्याज दर में बढ़ोतरी, MCLR RLLR और EBLR की नई दरें

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: SBI लोन ब्याज दर में बढ़ोतरी से कर्ज लेने वाले ग्राहकों की चिंता बढ़ सकती है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने अपनी कई लोन दरों में बदलाव किया है। नई दरें 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं।

दरअसल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने MCLR, RLLR और EBLR बढ़ा दिए हैं। इससे कुछ ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है। वहीं, अन्य ग्राहकों के लोन की अवधि लंबी हो सकती है।

हालांकि, इसका असर सभी कर्जदारों पर एक जैसा नहीं होगा। यह उनके लोन की शर्तों और ब्याज दर के प्रकार पर निर्भर करेगा।

SBI लोन ब्याज दर में कितना हुआ बदलाव?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने लोन की कई बेंचमार्क दरें बढ़ाई हैं।

दरअसल, बैंक ने EBLR और RLLR में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। यानी दोनों दरें 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ी हैं।

इसके अलावा, बैंक ने चुनिंदा अवधि की MCLR दरें 15 बेसिस पॉइंट बढ़ाई हैं।

वहीं, ओवरनाइट और एक महीने की MCLR दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बैंक की नई दरें 15 अक्टूबर से प्रभावी हैं।

SBI की नई MCLR दरें क्या हैं?

MCLR का पूरा नाम Marginal Cost of Funds Based Lending Rate है। यह बैंक की आंतरिक बेंचमार्क ब्याज दर होती है।

SBI ने तीन महीने से तीन साल तक की MCLR दरों में बढ़ोतरी की है।

नई दरें इस प्रकार हैं:

  • ओवरनाइट MCLR: 7.85 प्रतिशत
  • एक महीने की MCLR: 7.85 प्रतिशत
  • तीन महीने की MCLR: 8.40 प्रतिशत
  • छह महीने की MCLR: 8.75 प्रतिशत
  • एक साल की MCLR: 8.85 प्रतिशत
  • दो साल की MCLR: 8.90 प्रतिशत
  • तीन साल की MCLR: 8.95 प्रतिशत

हालांकि, ओवरनाइट और एक महीने की दरें पहले जैसी हैं।

वहीं, एक साल की MCLR अब 8.70 प्रतिशत से बढ़कर 8.85 प्रतिशत हो गई है।

इसके अलावा, तीन साल की दर 8.80 प्रतिशत से बढ़कर 8.95 प्रतिशत हो गई है।

SBI की RLLR और EBLR दरें कितनी बढ़ीं?

SBI ने रेपो रेट से जुड़ी लोन दरों में भी बदलाव किया है।

दरअसल, बैंक की Repo Linked Lending Rate यानी RLLR अब 7.75 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले यह 7.50 प्रतिशत थी।

इसके अलावा, External Benchmark Linked Lending Rate यानी EBLR भी बढ़ी है।

EBLR का आधार अब 8.15 प्रतिशत है। पहले यह 7.90 प्रतिशत था।

हालांकि, EBLR में ग्राहक के अनुसार अतिरिक्त प्रीमियम जुड़ सकते हैं।

इसलिए हर ग्राहक की अंतिम ब्याज दर एक जैसी नहीं होगी।

SBI होम लोन EMI पर कितना असर पड़ेगा?

SBI लोन ब्याज दर बढ़ने से कई होम लोन ग्राहकों का खर्च बढ़ सकता है।

खासतौर पर उन ग्राहकों पर असर पड़ेगा, जिनके लोन की ब्याज दर बदले हुए बेंचमार्क से जुड़ी है।

दरअसल, फ्लोटिंग रेट लोन में ब्याज दर बदल सकती है।

इसके अलावा, बैंक EMI बढ़ाने या लोन की अवधि में बदलाव करने का विकल्प दे सकता है। यह लोन समझौते पर निर्भर करेगा।

वहीं, EMI समान रहने पर कुल ब्याज का भुगतान बढ़ सकता है।

हालांकि, सभी ग्राहकों की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। नई दर लागू होने का समय रीसेट अवधि पर भी निर्भर करेगा।

क्या SBI के पुराने लोन ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा?

पुराने ग्राहकों पर असर उनके लोन के प्रकार से तय होगा।

यदि लोन MCLR से जुड़ा है, तो बदलाव अगली ब्याज दर रीसेट तारीख पर लागू हो सकता है।

वहीं, RLLR या EBLR से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन में बदलाव संबंधित नियमों के अनुसार होगा।

इसके अलावा, फिक्स्ड रेट लोन की स्थिति अलग हो सकती है।

इसलिए ग्राहकों को अपने लोन दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।

RBI के फैसले के बाद SBI ने क्यों बढ़ाईं दरें?

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट बढ़ाया था।

इसके बाद SBI ने अपनी कुछ लोन बेंचमार्क दरों में बदलाव किया।

दरअसल, रेपो रेट बैंकों की फंडिंग लागत और बाहरी बेंचमार्क दरों को प्रभावित कर सकता है।

वहीं, MCLR बैंक की अपनी लागत और अन्य वित्तीय कारकों पर आधारित होती है।

इसलिए सभी लोन दरों में एक समान बढ़ोतरी जरूरी नहीं है।

SBI लोन ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?

सबसे पहले, ग्राहक अपने लोन की वर्तमान ब्याज दर जांचें।

इसके बाद पता करें कि उनका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है।

वहीं, अगली ब्याज दर रीसेट तारीख की जानकारी लेना भी जरूरी है।

इसके अलावा, बैंक से EMI और लोन अवधि पर पड़ने वाले असर की जानकारी लें।

यदि EMI बढ़ रही है, तो अपने मासिक बजट की समीक्षा करें।

हालांकि, लोन प्रीपेमेंट या अवधि बदलने से पहले सभी शुल्क और शर्तें समझना जरूरी है।

SBI लोन ब्याज दर बढ़ने के बाद आगे क्या होगा?

फिलहाल, SBI की नई ब्याज दरें लागू हो चुकी हैं।

इससे प्रभावित कर्जदारों के मासिक भुगतान में बदलाव संभव है।

वहीं, जिन ग्राहकों का लोन फ्लोटिंग रेट पर है, उन्हें बैंक के अपडेट देखते रहना चाहिए।

इसके अलावा, नए होम लोन लेने वालों को भी मौजूदा ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए।

आपकी क्या राय है? क्या बढ़ती लोन ब्याज दरें आपके मासिक बजट को प्रभावित कर रही हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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SBI की नई ब्याज दरों और EMI से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट देखें।