कारगिल युद्ध के हीरो पर रॉड से हमला, सिर फोड़ा और हाथ तोड़ा; अब क्या हुआ?

  • September 14, 2026
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कारगिल युद्ध के हीरो रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर गुरुग्राम में हमला

कारगिल युद्ध के हीरो पर गुरुग्राम में जानलेवा हमला

कारगिल युद्ध के दौरान वायु सेना की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सफेद सागर में ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई थी. जो एक बार फिर चर्चा में हैं, क्योंकि उन पर गुरुग्राम के सेक्टर-65 स्थित ‘मैग्नम ग्लोबल पार्क’ में जानलेवा हमला हुआ है. गाड़ी पार्किंग के विवाद में उन पर हमला किया गया था, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए. घटना के बाद उन्होंने गुरुग्राम पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जानकारी देने के बाद भी आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची थी।

दरसल हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद ही हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। गुरुग्राम के सेक्टर-65 में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी पर लोहे की रॉड से हमला करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर रॉड से हमला किया और हाथ भी तोड़ डाला. गंभीर हालत में वह जमीन पर ही गिरे रहे और किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया. हालाँकि बाद में उस होटल में काम कर रहे एक शेफ ने मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

पार्किंग को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, 1999 के ऐतिहासिक कारगिल युद्ध यानी ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के वीर योद्धा रहे भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया गया. गुरुवार रात करीब 8 बजे ग्रुप कैप्टन गुप्ता अपने परिवार को मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो (Gonzo) रेस्टोरेंट में डिनर के लिए छोड़कर कार पार्क करने पहुंचे थे. आरोप है कि वहां मौजूद पार्किंग स्टाफ ने उन्हें कभी वैले, कभी बेसमेंट तो कभी मल्टी-लेवल पार्किंग के चक्कर कटवाए और आखिरकार गाड़ी पार्क करने से ही मना कर दिया।

शिकायत के मुताबिक विवाद उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया जब ग्रुप कैप्टन ने अपनी कार रिवर्स करने की कोशिश की और पार्किंग अटेंडेंट ने गाड़ी के सामने का शीशा तोड़ने के इरादे से उस पर हमला कर दिया. जैसे ही गुप्ता ने कार से बाहर निकलकर इस गुंडागर्दी का विरोध किया, आरोपी अटेंडेंट ने अचानक लोहे की रॉड से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. एक वार उनके सिर पर और दूसरा हाथ पर लगा, जिससे वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े।

रॉड से हमले के बाद जमीन पर पड़े रहे अधिकारी

हैरान करने वाली बात यह रही कि वहां खड़े सुरक्षाकर्मियों और अन्य पार्किंग स्टाफ में से कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया. पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करने के आधे घंटे बाद तक भी कोई मदद नहीं पहुंची. अंत में एक शेफ के बीच-बचाव करने से अधिकारी की जान बच सकी. लहूलुहान और गंभीर हालत में रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन गुप्ता को एंबुलेंस के जरिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी कोहनी की टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए जटिल सर्जरी कर प्लेट्स डाली गई।

बताया जा रहा है की घटना के तुरंत बाद अमित गुप्ता ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी. लेकिन उनका कहना है कि जब यह घटना हुई तब वहां पर कई गार्ड्स और पार्किंग स्टाफ थे, पर किसी ने मदद नहीं की. पुलिस को कॉल किया लेकिन पुलिस आधे घंटे तक लोकेशन पर नहीं पहुंची. आखिर में एक शेफ ने बीच-बचाव कर मेरी जान बचाई, इसके बाद मुझे एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया. लेकिन यहां भी पुलिस ने उनसे किसी तरह की कोई जानकारी नहीं ली है।

पुलिस ने क्या बताया?

वही सेक्टर-65 थाने के थाना प्रभारी रामबीर सिंह ने बताया कि घटना के समय अमित कुमार गुप्ता को बिल्डिंग के अंदर कई अलग-अलग पार्किंग जगहों पर ले जाया गया था। उनका आरोप है कि उन्हें कहीं भी कार पार्क करने की जगह नहीं दी गई। इसी बात को लेकर उनकी पार्किंग अटेंडेंट से बहस हो गई और विवाद बढ़ने पर कर्मचारी ने उन पर हमला कर दिया।

पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर सोमवार सुबह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत अज्ञात पार्किंग कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अमित गुप्ता ने पुलिस से की कड़ी कार्रवाई की मांग

गौरतलब है की ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता 1999 कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ मिशन का हिस्सा रहे हैं. ग्रुप कैप्टन ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में आरोपी अटेंडेंट के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने की संगीन धाराओं के तहत तत्काल (FIR) दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।

वही इस मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए (SHO) रामबीर सिंह ने बताया कि, रिटायर्ड ऑफिसर अपने परिवार के साथ सेक्टर 65 पुलिस स्टेशन एरिया के एक रेस्टोरेंट में डिनर करने गए थे। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को रेस्टोरेंट के पास छोड़ा और अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए पार्किंग एरिया में चले गए। ऑफिसर ने आरोप लगाया कि गाड़ी की सही जगह को लेकर पार्किंग अटेंडेंट से बहस हो गई। इसके बाद, अटेंडेंट ने ऑफिसर के सिर और हाथ पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

पुलिस पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए हॉस्पिटल गई, लेकिन ऑफिसर ने कहा कि वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हैं और बाद में पुलिस स्टेशन में अपना बयान देंगे। हालांकि, उन्होंने घटना वाले दिन पुलिस को एक लिखित शिकायत दी थी। फिलहाल इस पुरे घटनाक्रम को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। अब इस मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।