CJP विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की सख्ती, आखिर क्या थी तैयारी?
आज देश के लोगों के मन में सवाल है कि पुलिस ने CJP विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए इतनी सख्ती क्यों की? क्या पुलिस को कोई डर है? दरअसल, पुलिस इस बार पहले जैसी गलती नहीं करना चाहती। पिछली बार उसने CJP को एक दिन के लिए अनुमति दी थी, लेकिन धरना-प्रदर्शन 17 दिन तक चलता रहा। दूसरी बात यह है कि उस समय मुद्दा छात्रों से जुड़ा था और भावनात्मक था। इस बार मामला राजनीतिक है। इसमें आम जनता की भावनात्मक भागीदारी उतनी नहीं है, जबकि राजनीतिक पार्टियों की दिलचस्पी ज्यादा है और उनके पास अपने कार्यकर्ता हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में यूट्यूबर्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की योजना सेंट्रल दिल्ली को घेरने, पुलिस को उकसाने और इंटरनेट के जरिए माहौल बनाने की थी। इसी आशंका से बचने के लिए प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगहों पर रोकने की योजना बनाई गई।
पुलिस ने अपनी ओर से सुरक्षा संबंधी पाबंदियों की जानकारी सार्वजनिक की थी। CJP की शीर्ष लीडरशिप, दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों और बड़े प्रदर्शन की तैयारी के बीच 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने ऐसा सुरक्षा घेरा बनाया कि प्रदर्शन की योजना को चुनौती मिली। जिन रास्तों और ठिकानों पर जुटकर बड़ा संदेश देने की तैयारी थी, वहां पुलिस पहले से तैनात थी। आखिर दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन की रणनीति को कैसे रोका और इसके पीछे क्या तैयारी थी?
अभिजीत दिपके समेत CJP के नेताओं को हिरासत में लिया गया
दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी थी। पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। शनिवार दोपहर एक बजे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दिया। मौके पर पुलिस के जवान ही तैनात नजर आए। CJP के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, लेकिन जंतर-मंतर पर पुलिस के अलावा और कोई मौजूद नहीं दिखा।
शनिवार को पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पर बॉडी कैमरे लगाकर ड्यूटी कर रहे थे। करीब 25 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान निगरानी के लिए ऐसे बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया, जो अंधेरे में भी काम करते हैं। इसका उद्देश्य घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग करना था, ताकि पुलिस पर लगाए जाने वाले आरोपों का जवाब वीडियो सबूतों के जरिए दिया जा सके। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और मेट्रो स्टेशनों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई।
मुंबई एयरपोर्ट से दिल्ली तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम
खास बात यह रही कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के विमान की लैंडिंग से पहले ही मुंबई एयरपोर्ट पर पुलिस की व्यापक तैनाती की गई थी। एयरपोर्ट पर भारी संख्या में सुरक्षाबल मौजूद थे। इसके बाद दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ड्रोन के जरिए निगरानी कर रही थी। इसके अलावा, दिल्ली के कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया। जंतर-मंतर और उसके आसपास पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर भर में, खासकर जंतर-मंतर और अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए इलाके में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने की घोषणाएं कर रही थी।
इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था। हर जोन की निगरानी IPS स्तर के अधिकारी कर रहे थे। संवेदनशील जगहों पर 300 से ज्यादा ऑडियो और वीडियो CCTV कैमरे भी लगाए गए थे। इस तरह, प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने एयरपोर्ट, दिल्ली की सीमाओं, प्रमुख रास्तों और प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था मजबूत कर दी थी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, अभिजीत दिपके का वीडियो संदेश
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाली थी। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के दौरान हिरासत में ले लिया गया। CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी ओर से एक प्री-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो में दिपके कहते हैं, ‘अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मैं, आशुतोष रांका और सौरव दास तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ऐसी स्थिति में अब इस आंदोलन को आंजिक्य शिंदे लीड करेंगे।’
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि वह अपने रुख पर अडिग है। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। CJP ने साफ कहा कि चाहे नेतृत्व साथ हो या नहीं, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस तरह, पार्टी ने अपने प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।
अभिजीत दिपके की मां ने जताई नाराजगी, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने की खबर पूरे देश में फैल गई। दिपके की मां ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि सरकार ने यह अच्छा नहीं किया। उन्होंने सवाल किया कि देश के लिए काम करने वाले बच्चों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई कौन करता है। उन्होंने बताया कि जब अभिजीत घर से जा रहे थे, तब भी उन्होंने उन्हें आगाह किया था कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, अभिजीत ने अपनी मां को भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
इस घटनाक्रम के बीच CJP ने अपने प्रदर्शन को जारी रखने की बात दोहराई। पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, भले ही पार्टी के शीर्ष नेता आंदोलन में मौजूद न हों। इस प्रकार, अभिजीत दिपके समेत अन्य नेताओं की हिरासत के बाद आंदोलन के नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर स्थिति चर्चा में आ गई।
PTI बिल्डिंग के पास पुलिस पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बीच नई दिल्ली इलाके में PTI बिल्डिंग के पास पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 50 प्रदर्शनकारी यहां पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सभी 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वहीं, ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने करीब 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पर पुलिस का पहरा बना हुआ है। मौके से सामने आए एक विजुअल में जंतर-मंतर पर सन्नाटा पसरा हुआ नजर आ रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ प्रदर्शन से पहले की गई पुलिस की व्यापक तैयारी दिखाई दी, तो दूसरी तरफ नेताओं की हिरासत, प्रदर्शनकारियों को रोके जाने और PTI बिल्डिंग के पास पथराव की घटना भी सामने आई। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना चाहती थी। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था, प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन स्थल पर अपेक्षित भीड़ दिखाई नहीं दी।


