बिहार में AK-47 फायरिंग,पप्पू यादव ने सरकार पर दिया बड़ा बयान!

  • July 27, 2026
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सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सांकेतिक चित्र।

बिहार छात्र आंदोलन: AK-47 फायरिंग विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, संसद में भी गूंजा मामला

मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की जनहित याचिका

बिहार में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 तानने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया। साथ ही 20 जुलाई से शुरू हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित अत्यधिक पुलिस बल प्रयोग के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

संसद में विपक्ष ने सरकार को घेरा, पप्पू यादव ने उठाए कई सवाल

दरअसल, बिहार में 25 जुलाई को नीट परीक्षा और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए बुलाए गए बंद के दौरान सिवान में खूब बवाल हुआ था। इस दौरान सिपाही अभिषेक कुमार पटेल ने भीड़ पर एके-47 से फायरिंग की थी। वहीं आज इस मामले को लेकर विपक्ष ने संसद भवन में सरकार को घेरा।

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, “क्या हमारे बच्चे आतंकवादी हैं? क्या हमारी बेटी अपराधी है? क्या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना गलत है? अब तक बिहार में 800 बच्चों को जेल भेजा जा चुका है। दहशत का माहौल बना दिया गया है।”

इसके बाद पप्पू यादव अपने हाथों में अपनी मांगों के साथ एक बैनर लिए हुए नजर आए।

“क्या आप रात-रात भर बच्चों के परिवार को परेशान करेंगे? क्या आप बच्चों पर एके-47 चलाएंगे? क्या आप पटना में माले के सहित 300 लोगों को जेल भेज देंगे?”
“बिहार में आतंक का माहौल पैदा किया जा रहा है। पटना पुलिस बच्चों के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रही है। हमारे सामने अब करो या मरो की स्थिति है।”

पप्पू यादव

वायरल वीडियो के बाद संबंधित जवान निलंबित, विभागीय जांच शुरू

बता दें कि, नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान हुए उग्र प्रदर्शन के बीच सीवान में AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित किया जा चुका है।

सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई करते हुए जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। जवान की पहचान एसआईटी टीम में तैनात अभिषेक पटेल के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी सिवान के गांधी मैदान में जुटने लगे थे। इसके बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई हिस्सों में हंगामा किया, पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी और गांधी मैदान और जेपी चौक के पास पुलिस पर पथराव किया।

इस दौरान सिवान के पुलिस अधीक्षक पुरण कुमार झा घायल हो गए थे। उनके पैर में चोट लगी थी। वहीं कई पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर मौजूद पत्रकार भी पथराव की चपेट में आकर घायल हुए थे।

पुलिस ने बताया कैसे बिगड़े हालात, लाठीचार्ज और आंसू गैस का किया इस्तेमाल

जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया।

इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक जवान AK-47 से हवाई फायरिंग करता दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद इस कार्रवाई पर सवाल उठे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई।

इधर प्रारंभिक जांच में जवान की पहचान अभिषेक पटेल के रूप में होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तेजस्वी यादव ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा, “सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई। जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो!”

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकीं सभी की निगाहें

गौरतलब है कि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उधर छात्रों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर तमाम याचिकाओं की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा जरूरी है। यदि कहीं पुलिस या किसी अन्य पक्ष की ओर से ज्यादती हुई है तो उसे रोका जाना चाहिए। इसके लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल होने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मामला केवल दिल्ली का नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में ऐसे प्रदर्शन हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने का फैसला किया है। अब छात्र प्रदर्शन, कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी सभी याचिकाओं पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई होगी।

फिलहाल, बिहार बंद के दौरान कथित AK-47 फायरिंग ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसद में सियासी घमासान जारी है, सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू हो चुकी है और अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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