मध्य प्रदेश विधानसभा होगी पूरी तरह डिजिटल, शीतकालीन सत्र से कागज की जगह ऑनलाइन काम

  • September 21, 2026
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मध्य प्रदेश विधानसभा को डिजिटल बनाने की तैयारी

मध्य प्रदेश विधानसभा को डिजिटल बनाने की बड़ी पहल

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार और आम नागरिकों के बीच पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत विधानसभा में होने वाले कामकाज को कागज की जगह ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की तैयारी है।

आगामी नवंबर माह से आयोजित होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से प्रश्नकाल का सीधा प्रसारण शुरू होगा। इससे विधानसभा में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब आम नागरिकों तक सीधे पहुंच सकेंगे। विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही और विधायकों से जुड़ी कई जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आम नागरिक विधानसभा के कामकाज को डिजिटल माध्यम से देख और समझ सकेंगे।

शीतकालीन सत्र से प्रश्नकाल का सीधा प्रसारण

आगामी नवंबर माह से आयोजित होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से प्रश्नकाल का सीधा प्रसारण शुरू होगा। विधानसभा में विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले सवालों और विभागों की ओर से दिए जाने वाले जवाबों को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विधानसभा के कामकाज को आम लोगों के लिए अधिक पारदर्शी बनाना है। प्रश्नकाल विधानसभा की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसमें विधायक अलग-अलग विभागों से जुड़े सवाल उठाते हैं और संबंधित विभागों की ओर से उनके जवाब दिए जाते हैं।

अब इन सवालों और विभागीय जवाबों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे नागरिकों को विधानसभा की कार्यवाही से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए केवल कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रश्नकाल के सीधे प्रसारण की व्यवस्था शुरू होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही को देखने और उससे जुड़ी जानकारी हासिल करने का डिजिटल माध्यम भी मजबूत होगा।

One Nation, One Platform के तहत डिजिटल व्यवस्था

विधानसभा के डिजिटलाइजेशन की इस प्रक्रिया में वन नेशन, वन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था को भी शामिल किया जा रहा है। इसके तहत विधानसभा के कामकाज को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही e-Vidhan व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है। e-Vidhan के माध्यम से विधानसभा के कामकाज को डिजिटल तरीके से संचालित किया जाएगा। इससे विधानसभा में इस्तेमाल होने वाले कागजी दस्तावेजों की जगह ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल बढ़ेगा।

विधानसभा से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का उद्देश्य कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना भी है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से विधायकों के काम और विधानसभा में उठाए जाने वाले सवालों से जुड़ी जानकारी को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसके लिए एक आधिकारिक डिजिटल लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही और उससे जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेंगी।

विधायकों की सीट पर लगाए जाएंगे टैबलेट

डिजिटल व्यवस्था को लागू करने के लिए विधानसभा में विधायकों की सीटों पर टैबलेट लगाए जाने की तैयारी है। इन टैबलेट के माध्यम से विधायक विधानसभा के कामकाज से संबंधित जरूरी जानकारी डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकेंगे। अब सवालों और विभागों की ओर से दिए जाने वाले जवाबों को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इससे विधानसभा में कागजों के इस्तेमाल को कम करने में मदद मिलेगी और विधायकों को जरूरी दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेंगे।

विधायकों के डेस्क पर टैबलेट लगाए जाने से विधानसभा की कार्यवाही के दौरान डिजिटल माध्यम से जानकारी देखने और उसका इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सवालों और विभागीय जवाबों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी इसी डिजिटल व्यवस्था से जुड़ी होगी। इस तरह मध्य प्रदेश विधानसभा में कागजी प्रक्रिया की जगह डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा और विधानसभा के कामकाज को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

NeVA की कार्यशाला और प्रशिक्षण

डिजिटल व्यवस्था को लागू करने के लिए विधायकों और संबंधित लोगों को इसके इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है। इसके लिए NeVA से जुड़ी कार्यशाला और प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन कामकाज और उपलब्ध कराए जाने वाले डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। विधायकों को डिजिटल सिस्टम के जरिए सवालों और अन्य विधानसभा संबंधी जानकारी तक पहुंचने के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

NeVA से जुड़ी कार्यशाला और प्रशिक्षण डिजिटल व्यवस्था को समझने और उसे विधानसभा के कामकाज में लागू करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके माध्यम से विधानसभा के सदस्यों को नई व्यवस्था के अनुरूप काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। आने वाले शीतकालीन सत्र से कागजी काम की जगह ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रश्नकाल के सीधे प्रसारण और विधानसभा से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इस पूरी व्यवस्था के जरिए विधानसभा के कामकाज को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है