भागीरथपुरा हादसा के बाद बड़ा फैसला, 24 करोड़ में बदली जाएंगी 66 KM पाइपलाइन

  • September 21, 2026
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भागीरथपुरा हादसे के बाद पेयजल पाइपलाइन बदलने का काम

भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा हादसा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब शहर में उन पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर करने का काम शुरू हो गया है, जहां दोनों लाइनें एक-दूसरे के करीब हैं या किसी जगह पर एक दूसरे को क्रॉस करती हैं। नगर निगम ने शहर के सभी 21 जोन में ऐसी लाइनों को चिह्नित कर करीब 24.73 करोड़ रुपये की लागत से 66.25 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

भागीरथपुरा हादसे के बाद पेयजल लाइनों को बदलने का काम शुरू

नगर निगम के 28 प्रोजेक्ट में से 21 में काम शुरू हो चुका है, जबकि सात प्रोजेक्ट में अभी काम शुरू नहीं हो सका है। निगम के अनुसार, जोन-तीन की 430 मीटर नई लाइन डाली जानी है, जिसका 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। जोन-13 के दोनों प्रोजेक्ट में 80-80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जोन-15 में 65 प्रतिशत, जोन-दो में 60 प्रतिशत और जोन-14 में 55 प्रतिशत काम हुआ है।

पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर करने की इस कवायद का उद्देश्य उन जगहों पर नई पाइपलाइन बिछाना है, जहां मौजूदा पेयजल लाइनें सीवेज या नालों के करीब हैं अथवा एक-दूसरे को क्रॉस करती हैं। भागीरथपुरा हादसा के बाद इन लाइनों को लेकर प्रशासन की ओर से काम शुरू किया गया है।

जोन-16 में सबसे ज्यादा 18.250 किलोमीटर पाइपलाइन बदलेगी

सबसे लंबी पाइपलाइन में जोन-16 के अंतर्गत इंद्रपुरी और गोविंदपुरा क्षेत्र में तीन प्रोजेक्ट में सबसे अधिक 18.250 किलोमीटर लाइन बदली जानी है, इसमें से एक प्रोजेक्ट में 50 प्रतिशत काम बाकी है और शेष दो प्रोजेक्ट का काम अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। जोन-17 में चार अलग-अलग प्रोजेक्ट में 15.100 किलोमीटर क्षेत्र में लाइन बदली जा रही है। इसमें दो प्रोजेक्ट का काम ही शुरू नहीं हुआ। इन प्रोजेक्ट के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में उन पेयजल लाइनों को बदला जा रहा है, जिन्हें सीवेज और नालों के करीब या उनके क्रॉसिंग वाले हिस्सों में चिह्नित किया गया है। नगर निगम की योजना के तहत कुल 28 प्रोजेक्ट में यह काम किया जा रहा है।

28 प्रोजेक्ट में 21 पर काम शुरू, सात अभी बाकी

नगर निगम के 28 प्रोजेक्ट में से 21 में काम शुरू हो चुका है। वहीं सात प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं किया जा सका है। यानी नई पाइपलाइन बिछाने की योजना के एक बड़े हिस्से पर काम शुरू हो चुका है, जबकि कुछ प्रोजेक्ट अभी स्वीकृति और काम शुरू होने की स्थिति में हैं। जोन-तीन में 430 मीटर नई लाइन डाली जानी है और वहां 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसी तरह जोन-13 के दोनों प्रोजेक्ट में 80-80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जोन-15 में 65 प्रतिशत और जोन-दो में 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। जोन-14 में भी 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

सात परियोजनाओं का काम नहीं हो सका शुरू

शहर के पांच जोन की सात परियोजनाओं में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इनमें जोन-11 और जोन-12 में एक-एक परियोजना स्वीकृत है, जिनका काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि जोन पांच की दो परियोजनाओं में से एक का काम शुरू होना बाकी है। नगर निगम की ओर से शहर में चिह्नित पेयजल लाइनों को बदलने के लिए कुल 28 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें से 21 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है, जबकि सात परियोजनाएं अभी शुरू होने का इंतजार कर रही हैं।