बाल मजदूरी के खिलाफ बेंगलुरु पुलिस ने शनिवार को विशेष अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों पर काम कर रहे 503 बच्चों को मुक्त कराया। अभियान के दौरान शहर के सभी 72 पुलिस संभागों में पुलिस टीमों ने कुल 5,897 स्थानों की जांच की।
बच्चों से मजदूरी कराने के आरोप में दुकानदारों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ 8 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह विशेष अभियान पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। इसका उद्देश्य शहर में बाल मजदूरी की पहचान करना, बच्चों को काम से मुक्त कराना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर वातावरण उपलब्ध कराना था।
कहां-कहां हुई जांच?
अभियान के लिए शहर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई थीं। इनमें पुलिस अधिकारियों के साथ श्रम विभाग के निरीक्षकों को भी शामिल किया गया था। टीमों ने गोदामों, बाजारों, होटलों, ढाबों, लॉज, बेकरी, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, आवासीय परिसरों और निर्माण स्थलों सहित विभिन्न स्थानों पर जांच की। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान जिन स्थानों पर बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी, वहां कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
मुक्त बच्चों की होगी देखभाल
अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान मुक्त कराए गए बच्चों को तत्काल सुरक्षित आश्रय गृहों में पहुंचाया जाता है। उनकी उम्र और स्थिति के अनुसार सरकारी विद्यालयों में दाखिला दिलाकर शिक्षा से जोड़ा जाता है।
18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए नियमानुसार कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि भविष्य में वे सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकें। बाल मजदूरी के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को काम से मुक्त कराकर उन्हें सुरक्षित वातावरण और शिक्षा उपलब्ध कराना बताया गया है।


