Bihar: छात्रों के हक में Lalu Yadav का बड़ा ऐलान

  • August 18, 2026
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बिहार में BPSC TRE-4 नोटिफिकेशन समेत कई मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन शुरू होने जा रहा है। पटना के गर्दनीबाग में ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ के तहत अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।

पटना में शुरू होने वाला है छात्रों का महाआंदोलन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के समर्थकों के प्रदर्शन और झारखंड के रांची में छात्रों के आंदोलन के बाद अब बिहार में भी अभ्यर्थियों का आंदोलन शुरू होने वाला है। पटना में बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। छात्र नेताओं के मुताबिक, अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अभ्यर्थी BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर महाआंदोलन करेंगे। पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का जुटना शुरू हो गया है और उनके धरने को ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ नाम दिया गया है।

लालू यादव ने अभ्यर्थियों के आंदोलन का किया समर्थन

इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी अभ्यर्थियों के समर्थन में सामने आए हैं। बिहार में छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर राजद ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। लालू प्रसाद यादव ने बिहार के लोगों से 19 अगस्त को पटना में एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लोगों से इस अभियान में शामिल होने को कहा।

लालू यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि बिहार के छात्र और युवा कई समस्याओं से परेशान हैं। इनमें पेपर लीक, खराब शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया में कथित पक्षपात और बेरोजगारी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की लोकतांत्रिक मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है। लालू यादव ने छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने को गलत बताते हुए लोगों से 19 अगस्त को पटना में एकजुट होने की अपील की।

तेजस्वी यादव भी 19 अगस्त को निकालेंगे मार्च

लालू यादव से पहले राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी 19 अगस्त को मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च पटना में लोक भवन तक निकाला जाएगा। इसमें महागठबंधन के घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि बिहार अब पेपर लीक की राजधानी बनता जा रहा है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि मार्च में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने साफ कहा कि बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा।

सीवान प्रदर्शन और AK-47 के इस्तेमाल का भी उठा मुद्दा

इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ AK-47 तक का इस्तेमाल किया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल एक सिपाही को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने उस वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिस पर कथित तौर पर राइफल के इस्तेमाल का आदेश देने का आरोप है।

बिहार बंद के दौरान कई जिलों में हुआ था प्रदर्शन

दरअसल, 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों ने बिहार बंद के समर्थन में कई जगह प्रदर्शन किया था। यह बंद NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था। इस दौरान बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हुई। कुछ जगह प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी हुई।

BPSC TRE-4 समेत इन मांगों को लेकर आंदोलन

जानकारी के मुताबिक, अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में BPSC TRE-4 विज्ञापन, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे, BSSC Exam Date, लाइब्रेरियन बहाली, BET, दारोगा और सिपाही भर्ती समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग शामिल है। अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार से लगातार जवाब मांगा जा रहा है।

TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी से नाराज अभ्यर्थी

छात्र नेता दिलीप कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से BPSC TRE-4 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने के लिए सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने में देरी को लेकर अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी है।

इसके साथ ही छात्र नेता ने BPSC TRE-4 की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव का भी विरोध किया। उनके मुताबिक, पहले सिर्फ एक पीटी की परीक्षा होती थी, लेकिन अब मेंस भी देना पड़ेगा। ऐसे में उनका कहना है कि नए पैटर्न से परीक्षा की शुरुआत BPSC TRE-5 से की जानी चाहिए।

सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर

बिहार में छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन अब सिर्फ BPSC TRE-4 तक सीमित नहीं है। भर्ती परीक्षाओं की तारीख, परीक्षा पैटर्न, नियुक्तियों में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे इस आंदोलन का हिस्सा बन गए हैं। वहीं राजद के लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के समर्थन के बाद इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी बढ़ सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है, BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन कब जारी होता है और क्या छात्रों का ‘न्याय सत्याग्रह’ आगे चलकर बड़े आंदोलन का रूप लेता है।