लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सावन सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। हाईटेंशन तार गिरने और भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत, 12 से ज्यादा घायल
अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा, 7 श्रद्धालुओं की मौत
बिहार के लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में 11,000 वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर श्रद्धालुओं के ऊपर जा गिरा। हादसे में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घायलों में कुछ की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसा उस वक्त हुआ जब सोमवार की सुबह अशोक धाम मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ थी और श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया। हाईटेंशन तार के गिरते ही मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से कई श्रद्धालु झुलस गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश शुरू की।
तार गिरने की अफवाह से भी मची भगदड़
दरअसल बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर बिजली का तार गिरने की अफवाह से अचानक भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, एक प्रत्यक्षदर्शी ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। घायलों को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले चार मृतकों की पहचान हो गई है। पुलिस के अनुसार, चार मृतक महिलाओं की पहचान 55 वर्षीय हेमलता, ललिता देवी, 50 वर्षीय रिंकू देवी निवासी मुंगेर और 44 वर्षीय मनमाला देवी निवासी बड़हिया के रूप में हुई है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटना के वक्त मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा थी। श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में लगे हुए थे। इसी दौरान बिजली का तार गिरने की अफवाह से लोग घबराकर भागने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। कई महिलाएं भीड़ में दब गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
DM ने बताया, दो ट्रेनों के रुकने से अचानक बढ़ी भीड़
वहीं घटना के बारे में जानकारी देते हुए लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण प्रशासन ने मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम किए थे। प्रशासन की टीम तड़के 3:30 बजे से ही घटनास्थल पर मौजूद थी और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित थीं। लेकिन दो ट्रेनों के रुकने से भारी भीड़ मंदिर परिसर तक पहुंच गई और मंदिर में पहले से ही भीड़ मौजूद थी।
इसी दौरान अप्रत्याशित भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 7 बजे भीड़ बढ़ने से एक तरफ बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। उन्होंने बताया कि तुरंत 10-15 लोगों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
CM सम्राट चौधरी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इधर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोकधाम मंदिर भगदड़ की घटना पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। उन्होंने प्रशासन को घायलों के त्वरित इलाज के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। साथ ही भगदड़ में मृतकों के परिवार वालों के लिए 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं मोकामा से अशोकधाम मंदिर पहुंचे एक प्रत्यक्षदर्शी विनोद कुमार ने प्रशासन की घोर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।उनका कहना है कि उनकी पत्नी भीड़ में दब गई और उनकी एक बेटी अभी भी लापता है। उन्होंने बताया कि प्रवेश द्वार पर जहां बांस की बैरिकेडिंग लगी थी, वहां लगभग 100 लोग बाहर से जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि लोगों ने भीड़ को धकेला, जिससे कई लोग गिर गए और उनके ऊपर चढ़कर अंदर घुसने लगे। उनके मुताबिक वहां कोई प्रशासन नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रवेश का स्थान ढलान वाला था और धक्का-मुक्की के कारण बांस की बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे लोग नीचे गिर गए।
अशोक धाम मंदिर में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
गौरतलब है कि अशोक धाम लखीसराय का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत देश के सबसे विशाल काले पत्थर के शिवलिंगों में से एक होना है, जो सावन मास और महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है तथा बिहार का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
ऐसे में मंदिर परिसर में हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर श्रद्धालुओं के बीच गिरने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 11,000 वोल्ट का तार किस वजह से टूटा और मंदिर परिसर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी।


